नया बदायूं, संवाददाता।
नगर पालिका बदायूं द्वारा गौवंश संरक्षण के नाम पर कथित रूप से अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि पशु चिकित्सक द्वारा गौवंशों को पकड़ने (रेस्क्यू) के दौरान नशे के इंजेक्शन की अधिक मात्रा (ओवरडोज) दी जा रही है, जिससे उनकी हालत बिगड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
गुरुवार को इस मामले को लेकर पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पशुओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार अमानवीय है और यह पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत आता है।
गोवंश के साथ पशु क्रूरता
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौवंशों के साथ इस तरह का व्यवहार क्रूरता की श्रेणी में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन विशेष प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गौवंशों के साथ हो रही इस तरह की कार्यवाही गंभीर चिंता का विषय है।
जनता में आक्रोश
मामले को लेकर पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
अधिकारियों का सामने नहीं आया बयान
फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गौवंश संरक्षण की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े करता है।

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