नया बदायूं,संवाददाता। राज्य ब्यूरो
शासन स्तर से लेकर जिला एवं ब्लाक और तहसीलों तक तीन वर्षों से कुर्सी पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों के लिए टेंशन देने वाली खबर है। यूपी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है कि तीन वर्ष से अधिक समय होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के तत्काल तबादला किये जायेंगे। कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी है और मई महीने में सभी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादला किये जायेंगे। कैबिनेट की बैठक में प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए निर्देशित किया है।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए तबादला नीति को मंजूरी मिल गई। 2026-27 की तबादला नीति के तहत 31 मई तक ट्रांसफर हो सकेंगे। एक ही जिले में तीन और सात साल पूरा करने वाले कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। स्थानान्तरण सत्र खत्म होने के बाद समूह ‘क’ और ‘ख’ के कर्मचारी का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नीति के तहत समूह ‘क’ व ‘ख’ से अधिकतम 20 फीसदी अधिकारियों के, समूह ‘ग’ व ‘घ’ से अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे। आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में रिक्त पदों को पहले भरा जाएगा। नीति में साफ कहा गया है कि जहां तक संभव हो समूह ‘ख’ व ‘ग’ के कार्मिकों का स्थानांतरण मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम के आधार पर किया जाए।

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