नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं शहर के राम हॉस्पिटल में एक बार फिर विवाद ही नहीं बवाल हो गया। परिजनों ने मृतक के शव को रखकर हंगामा किया तो पर जानो और अस्पताल कर्मियों के बीच नोकझोंक से शुरुआत हुई और पथराव तक मामला पहुंच गया। आए दिन राम हॉस्पिटल में हो रहे विवाद के बाद अस्पताल अखाड़ा का केंद्र बन चुका है। पथराव और मारपीट के बीच यातायात प्रभावित हुआ और आसपास इलाके में कानून व्यवस्था चौपट हुई जिसको लेकर पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से अस्पताल कर्मचारियों और कुछ तीमारदार सहित अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच पड़ताल शुरू हो गई है।

थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र में रामा हॉस्पिटल विवाद के मामले में पुलिस ने मृतक के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच हुई मारपीट के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम उपरैला थाना अलापुर निवासी 32 वर्षीय राजवीर पुत्र शेर सिंह 18 जुलाई 2026 को सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। 19 जुलाई को उसे शहर के इंद्रा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर पहले दिन ही 1.60 लाख रुपये लिए गए और बाद में 28 जुलाई तक करीब 5 लाख रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन घर ले जाने के बाद उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इसी को लेकर 29 जुलाई की देर रात इंद्रा चौक पर शव रखकर परिजनों ने हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों और परिजनों के बीच बहस भी हुई।

पुलिस ने कराया पंचायत नामा
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, हंगामे के दौरान अस्पताल के बाहर मृतक का शव रखकर परिजन विरोध कर रहे थे, तभी अस्पताल कर्मियों और परिजनों के बीच पथराव और मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया।

यह हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना सिविल लाइन्स पुलिस ने मु0अ0सं0 0279/26 के तहत बीएनएस की धाराओं 191(2), 125, 115(2), 352 व 285 में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें मृतक के परिजन प्रेमचंद समेत चार लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अस्पताल कर्मी इमरान, नौमान खान सहित 6-7 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
शहर के इंद्रा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। 18 जुलाई को छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए गांव उपरौला निवासी होशियार सिंह उर्फ राजवीर पुत्र शेर सिंह की 12 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान करीब 5 लाख रुपये खर्च हो चुके थे, इसके बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में उनके साथ मारपीट की गई और अस्पताल संचालक के आदेश पर उनके ऊपर ईंट-पत्थर बरसाए गए।
पथराव के वीडियो हुए वायरल
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की
मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अधिकारी की सुनिए
बदायूं शहर के राम हॉस्पिटल में हुए मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विकास शर्मा का कहना है मामले की जानकारी मिली है जिस तरह से घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, मामले की जांच कराई जाएगी और उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई के बारे में बताया जा सकेगा।

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