बदायूं, संवाददाता।
प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह एवं सदस्यों ने बुधवार को विकास भवन सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ओबीसी वर्ग की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान विभिन्न विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधानों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएं, परिस्थितियां और सुझाव आयोग के समक्ष रखे।
आयोग ने ओबीसी वर्ग की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, कृषि, भूमि स्वामित्व, आर्थिक स्थिति, सरकारी नौकरी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण से जुड़े विषयों पर जनप्रतिनिधियों से जानकारी प्राप्त की।
अम्बियापुर के पुष्पगवां के ग्राम प्रधान पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर है। आसफपुर के ओमकृष्ण ने कृषि एवं मजदूरी को प्रमुख आय का स्रोत बताया। पड़ौलिया के रईस खां ने क्षेत्र में ओबीसी आबादी करीब 45 प्रतिशत होने की जानकारी दी।
पृथ्वीपुर के ग्राम प्रधान चेतन सिंह ने बताया कि करीब 4,000 की आबादी वाले क्षेत्र में लगभग 20 लोग ही सरकारी नौकरी में हैं और ओबीसी वर्ग के लोगों के पास भूमि स्वामित्व कम है। उन्होंने पाल समाज की अपेक्षाकृत कमजोर आर्थिक स्थिति की भी जानकारी दी।
दहगवां के रसूलपुर कलां के ग्राम प्रधान गंगा सिंह ने 27 प्रतिशत आरक्षण को वर्तमान में उचित बताया। वहीं बागपुर के ग्रीश कुमार ने शिक्षा की कमी और आर्थिक पिछड़ेपन का उल्लेख करते हुए आरक्षण बढ़ाने का सुझाव दिया। लोहाठेर के सुधीर यादव ने गांव में ओबीसी वर्ग के लिए सीट नहीं होने की बात कहते हुए आरक्षण बढ़ाने की मांग रखी।
उझानी ब्लॉक प्रमुख शिशुपाल सिंह शाक्य ने बताया कि क्षेत्र में ओबीसी वर्ग की आर्थिक स्थिति कमजोर है और बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए ईंट-भट्ठों पर बाहर जाते हैं। सोही के सोरन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवारों को आवास की जरूरत है और करीब आधे लोग भूमिहीन हैं।
आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा क्षेत्रीय स्तर से प्राप्त तथ्यों को अपनी प्रक्रिया में संकलित करने की बात कही। आयोग ने बताया कि जो लोग बैठक में अपनी बात नहीं रख सके, वे पिछड़ा वर्ग से संबंधित जानकारी और सुझाव विकास भवन, लखनऊ को पत्र के माध्यम से भेज सकते हैं।
बैठक में सीडीओ गामिनी सिंगला, जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी याबर अब्बास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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