मुजरिया, संवाददाता।
जनपद बदायूं के मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कटैया भगवती में कीटनाशक दवा के छिड़काव के बाद धान की फसल बर्बाद होने का मामला सामने आया है। किसान घनश्याम पुत्र हरवीर ने दवा विक्रेता पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। किसान ने मामले की शिकायत थाने में तहरीर देकर की है।
घनश्याम के मुताबिक उसने मुजरिया-उझानी मार्ग स्थित खुशहाल बीज भंडार से धान की फसल में कीड़े लगने की समस्या के लिए दुकानदार के बताए अनुसार कीटनाशक दवा खरीदी थी। इसके बाद उसने दुकानदार के बताए तरीके से दवा का खेत में धान की फसल पर छिड़काव किया। किसान का आरोप है कि दवा के छिड़काव के कुछ समय बाद ही धान के पौधों पर विपरीत असर दिखाई देने लगा और फसल खराब होने लगी। देखते ही देखते खेत में खड़ी धान की फसल जलने लगी और काफी हिस्सा बर्बाद हो गया।
किसान का कहना है कि उसने पूरे साल फसल तैयार करने के लिए मेहनत की थी और बीज, खाद, सिंचाई तथा अन्य कृषि कार्यों में काफी पैसा खर्च किया था। फसल खराब होने से उसकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर गया है। उसके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है।
घनश्याम ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी माला देवी और तीन बच्चे हैं। परिवार की आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। किसान के अनुसार वह वर्ष में मुख्य रूप से एक ही धान की फसल ले पाता है। ऐसे में फसल खराब होने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। फसल बर्बाद होने के बाद परिवार के लोग खेत में मायूस नजर आए।
किसान का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान बीज भंडार संचालक ने कथित तौर पर उसे धमकी देते हुए कहा कि वह जो करना चाहे कर ले, उन्हें किसी का डर नहीं है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित किसान ने पुलिस और संबंधित विभाग से मामले की जांच कराने, खेत में बर्बाद हुई फसल का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और दवा की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसने कथित रूप से जिम्मेदार दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई तथा फसल के नुकसान की भरपाई कराने की मांग उठाई है।

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