नया बदायूं, संवाददाता।
विद्युत उपकेंद्र कुंवरगांव क्षेत्र के गांव सिगोई में सरकारी ट्रांसफार्मर से निजी नलकूपों को बिजली आपूर्ति देने और बिना स्वीकृत एस्टीमेट के बिजली पोल लगाने के मामले में अब जांच तेज हो गई है। अधीक्षण अभियंता द्वारा दो दिन में रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद गांव में फिर से बिजली लाइन बदलने का कार्य शुरू होने से मामला और गरमा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जांच की आहट मिलते ही संबंधित जेई चिरोंजी लाल पहले की गई व्यवस्था को बदलकर मामले को सामान्य दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि 63 केवीए के सरकारी ट्रांसफार्मर से चार किसानों के निजी नलकूपों को बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए बिजली आपूर्ति दी गई थी। इसके लिए किसानों से करीब 40 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
बिना एस्टीमेट के लगाए नए पोल
ग्रामीणों के अनुसार बिना स्वीकृत एस्टीमेट के दो नए बिजली पोल भी लगाए गए, जिससे गांव में लो-वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई और घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
2 दिन में मांगी गई है जांच रिपोर्ट
मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। एक्सईएन द्वितीय नागेंद्र और अवर अभियंता (परीक्षण) के.के. शर्मा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पोल लगाने की स्वीकृति, एस्टीमेट, ट्रांसफार्मर से दिए गए कनेक्शन और संबंधित अभिलेखों की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
आंधी से क्षतिग्रस्त हुए थे पोल
इसी बीच ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में आई आंधी में क्षतिग्रस्त हुए बिजली पोल के बाद सरकारी ट्रांसफार्मर से निजी नलकूपों की लाइन जोड़ दी गई थी। अब उन्हीं नलकूपों को 100 केवीए ट्रांसफार्मर से जोड़ने के लिए जेई द्वारा नई कवायद शुरू की गई है।
जेई ने लगवाया नए पोल
ग्रामीणों के मुताबिक जेई हाइड्रा मशीन के साथ गांव पहुंचे और नए पोल लगवाए, जिसके बाद उन पर नई लाइन खींचने का कार्य भी शुरू करा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई जांच से पहले पूरे मामले को छिपाने की कोशिश है।
निष्पक्ष होगी जांच
उधर, अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिम्मेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई
फिलहाल इस पूरे मामले पर ग्रामीणों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की भी नजर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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