नया बदायूं, संवाददाता।
बिसौली क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर उत्पन्न विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को प्रशासन की विफलता का परिणाम बताते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि मामले को शुरुआत में ही संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाया जा सकता था।
बुधवार को जारी बयान में कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजीत यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में डॉ. अंबेडकर के अनुयायियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजा की सीकरी गांव में यदि प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से समय रहते सौहार्दपूर्ण ढंग से बातचीत की होती तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था।
स्थानीय अधिकारियों पर लगाया जानकारी छिपाने का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने जिला स्तर के अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत नहीं कराया। उनके मुताबिक, समय रहते उचित हस्तक्षेप नहीं होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी और शांतिपूर्ण समाधान के रास्ते सीमित होते चले गए।
अजीत यादव ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को सभी पक्षों से बातचीत कर कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रति ग्रामीणों और डॉ. अंबेडकर के अनुयायियों में भरोसा कायम करना जरूरी है।
गुरुवार को गांव पहुंचेगा कांग्रेस का जांच दल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधिमंडल राजा की सीकरी गांव पहुंचेगा। जांच दल ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और विवाद के कारणों को समझने का प्रयास करेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मौके की स्थिति और ग्रामीणों की बात जानने के बाद मामले को जिला स्तर पर उठाएगा। पार्टी का कहना है कि विवाद का समाधान आपसी संवाद, संवैधानिक मूल्यों और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने और सभी पक्षों को विश्वास में लेकर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की है।

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