नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की दूसरी पाली के दौरान गुरुवार को बदायूं शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले हजारों परीक्षार्थियों और सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक वाहनों के दबाव के कारण शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
शहर भर में लगा भीषण जाम
शहर के नवादा चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा, दातागंज चुंगी, कचहरी रोड, इंदिरा चौक, स्टेशन रोड, अस्पताल चौराहा तथा भीतरी बाजारों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दूसरी पाली का समय नजदीक आते-आते जाम और भी विकराल हो गया। चार पहिया वाहन, बसें, ऑटो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन घंटों तक रेंगते रहे। कई स्थानों पर एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं।
दूसरी पाली को लेकर लगा जाम
सबसे अधिक परेशानी टीईटी की दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को उठानी पड़ी। शहर के नवादा चौराहा, पुलिस लाइन, दातागंज चुंगी और भीतरी बाजारों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थी जाम में फंस गए। समय निकलता देख कई परीक्षार्थी अपने वाहन बीच रास्ते में छोड़कर पैदल ही परीक्षा केंद्रों की ओर दौड़ते दिखाई दिए। उनके साथ आए अभिभावक भी प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए।
स्थानीय लोग बोले प्रशासन की कोई नहीं व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि टीईटी परीक्षा के कारण जिले सहित आसपास के जनपदों से हजारों अभ्यर्थी बदायूं पहुंचेंगे। इसके बावजूद न तो प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया और न ही प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। जहां पुलिसकर्मी मौजूद भी थे, वहां वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया।
जाम में परेशान होकर निकले लोग
जाम का असर पूरे शहर की दिनचर्या पर भी पड़ा। बाजार आने वाले ग्राहक, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और मरीजों को लेकर जा रहे वाहन भी लंबे समय तक फंसे रहे। कई व्यापारियों ने बताया कि ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिससे कारोबार भी प्रभावित हुआ।
ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था चौपट
शहरवासियों का आरोप है कि हर बड़ी परीक्षा और विशेष अवसर पर प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाएं पूरी तरह विफल साबित होती हैं। यदि पहले से रूट डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाती तो इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती।
फेल हो गया ट्रैफिक पुलिस का प्लान
टीईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान बदायूं की बदहाल यातायात व्यवस्था ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षार्थियों और आम लोगों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के दौरान पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार कर उसे सख्ती से लागू किया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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