मुजरिया, संवाददाता
थाना क्षेत्र के गांव नगला सालार में भूमि की पैमाइश को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी सुभाष की पत्नी संगीता ने हल्का लेखपाल और कानूनगो पर आरोप लगाया है कि उनकी गैरमौजूदगी में गाटा संख्या 39 की भूमि की पैमाइश कर करीब तीन बीघा जमीन कम कर दी गई और एक अन्य किसान को उस हिस्से में खेती करने के निर्देश दिए गए।
संगीता का आरोप है कि गाटा संख्या 39 में सुभाष आदि के नाम दर्ज भूमि की पैमाइश के दौरान उन्हें या उनके परिवार को उचित सूचना नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व की धारा 24 के तहत कार्रवाई भी उनकी जानकारी के बिना पूरी कर ली गई। मामले की जानकारी होने के बाद उन्होंने लेखपाल और कानूनगो से अपनी बात रखी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
पीड़िता का आरोप है कि भूमि की पैमाइश और रकबे में बदलाव को लेकर पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
संगीता पत्नी सुभाष ने बिल्सी तहसील में आयोजित समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर गाटा संख्या 39 के रकबे की दोबारा पैमाइश कराने की मांग की है। उन्होंने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राजस्व टीम गठित कर निष्पक्ष पैमाइश कराने तथा लेखपाल और कानूनगो की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
संगीता ने आरोप लगाया कि रकबे में करीब तीन बीघा जमीन कम किए जाने से उनका परिवार प्रभावित हो रहा है। न्याय की मांग को लेकर वह अपने छोटे बच्चों के साथ खेत में बैठ गईं और भूख हड़ताल की बात कही। ग्रामीणों ने महिला और उसके बच्चों को समझाकर खेत से उठाया और परिवार को गांव ले गए।
अब शिकायत के बाद राजस्व विभाग द्वारा अभिलेखों की जांच, पूर्व पैमाइश से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण और मौके पर दोबारा पैमाइश कराए जाने की संभावना है। यदि जांच में पैमाइश या राजस्व प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। वहीं, पुलिस की भूमिका शिकायत में किसी आपराधिक घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़े तथ्य सामने आने पर कार्रवाई तक सीमित रहेगी।

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