नया बदायूं, यूपी। (राज्य ब्यूरो)
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को सैकड़ों कंपनियों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर बवाल किया। इस इस दौरान गुस्साए कर्मचारियों ने पत्थरबाजी करते हुए गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। बता दें कि गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की दो जीप समेत कई गाड़ियों में आग लगाई है। नोएडा में हुए बवाल और कई किलोमीटर तक लगे लंबे महाजाम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम योगी ने कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों से कड़ा लहजा अपनाया है। वहीं कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है।
मंगलवार को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौतमबुद्ध नगर में विरोध प्रदर्शन के बीच कुशल और अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है। यूपी सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 21 फीसदी तक की अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया है। नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी (मूल वेतन और मंहगाई भत्ता सहित) सबसे ज्यादा 21 फीसदी बढ़ाई गई है। अब अंतरिम तौर पर मजदूरी दरें नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए 13690 रुपये अर्ध कुशल मजदूरों के लिए 15059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16868 रुपये तय की गई हैं।
श्रमिकों का सिर्फ मासिक वेतन कितना होगा
अकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन 11313.65 रुपये और दैनिक मजदूरी 435.14 रुपये तय की गई है। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक 12446 रुपये और दैनिक 478.69 रुपये से निर्धारित है। जबकि कुशल श्रमिकों के लिए मासिक 13940.37 रुपये और दैनिक 536.16 रुपये तय किए गए। हालांकि सरकार ने 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की खबर को भ्रामक बताया है। भारत सरकार ने नए श्रम संहिता (Labour Code) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन तय करने की कार्यवाही शुरू की है। इसका मकसद सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत और समान वेतन सुनिश्चित करना है।
अशांति फैलाने के पीछे साजिश
सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बाधा लाने के लिए कुछ लोग अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं। सीएम योगी ने ऐसे लोगों को सुधरने का सख्त निर्देश दिया है। कुछ लोगों की वजह से नोएडा में अशांति फैलाने की साजिश है।
कई लोगों पर मुकदमा
वहीं, नोएडा के इस मामले को लेकर यूपी पुलिस ने नोएडा विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत जानकारी फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यूपी पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा, नोएडा के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और कथित तौर पर राज्य के बाहर के व्यक्तियों द्वारा प्रभावित थे। बताया कि हिंसा केवल एक स्थान पर हुई और उसे बल प्रयोग के साथ नियंत्रण में कर लिया गया।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें:::
1- न्यूनतम वेतन की गारंटी।
2- समय पर पूरा वेतन भुगतान।
3- समान कार्य-समान वेतन।
4- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान।
5- कार्य समय का नियमन।
6- शोषण पर रोक।
7- ईपीएफ व ईएसआई।
8- ग्रेच्युटी।
9- असंगठित व गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा।
10- रोजगार सुरक्षा।
11- छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा।
12- नोटिस वेतन।
13- सुरक्षित कार्यस्थल।
14- साप्ताहिक अवकाश।
15- महिला श्रमिकों के लिए प्रविधान व शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था।

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