नया बदायूं, सवंददाता।
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड में डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए उसके चचेरे भाई अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू ने हथियार उपलब्ध कराए थे और साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी। घटना के बाद से फरार चल रहे अभय प्रताप पर डीआईजी अजय साहनी द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिसे पुलिस ने फिरोजाबाद जनपद में दबिश के दौरान दबोच लिया, मगर आरोपी को बदायूं लेकर आई पुलिस असलाह बरामद के लिए ले गई तो उसने फायरिंग कर दी। इस मुठभेड में आरोपी गोली लगने से घायल हुआ है।
सैजनी के बंद घर से बरामद कराये असलाह
बदायूं जनपद की पुलिस दोहरे हत्याकांड के बाद लगातार छापामारी कर रही थी, एचपीसीएल हत्याकांड के आरोपी को पकड़ने के लिए कई जनपदों में दबिश लगाई। पुलिस ने लगातार दबिश के बाद आरोपी को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने वारदात में इस्तेमाल असलहों को एक बंद मकान में छिपाने की बात कबूली। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर बरामदगी के लिए सैजनी गांव पहुंची, जहां आरोपी ने छिपाए गए लोड हथियार निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ के दौरान कांस्टेबल प्रशांत गोली लगने से घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की फायरिंग में आरोपी के पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल, दो तमंचे और 10 कारतूस बरामद किए गए हैं।
मुठभेड़ में आरोपी व पुलिस कर्मी घायल
मंगलवार की सुबह को एचपीसीएल प्लांट के दोहरे हत्याकांड की साजिश में शामिल 50 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान एक कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।

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