बदायूं, संवाददाता।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं प्रसिद्ध शायर असरार अहमद खां मुज़्तर बदायूंनी की लिखी तीन पुस्तकों नूर का पैकर, नूर का सागर और नूर की बरसा का विमोचन कल 10 अक्टूबर, शनिवार को रात नौ बजे नाहर खां सराय स्थित असरार साहब की कोठी पर किया जाएगा। इस मौके पर भव्य महफिल-ए-मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा, जिसमें स्थानीय शायरों और कवियों के साथ बरेली, रामपुर, संभल, कानपुर सहित विभिन्न जिलों के नामचीन रचनाकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को साहित्यिक रंग में सराबोर करेंगे।
कार्यक्रम फैज़ुल औलिया हजरत मौलाना गाजी मियां हुजूर की सरपरस्ती, मुख्तार तिलहरी की कयादत और असरार नसीमी एडवोकेट की सदारत में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बदायूं के सांसद आदित्य कुमार यादव और आईएएस पवन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं पूर्व मंत्री आबिद रजा, नगर पालिका बदायूं की चेयरपर्सन फातिमा रजा, शमा अफरोजी और पूर्व मंत्री डॉ. यासीन उस्मानी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध शायर डॉ. हिलाल बदायूंनी करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, महफिल-ए-मुशायरा और कवि सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आने वाले शायर और कवि अपनी गजलों, नज्मों और कविताओं के माध्यम से साहित्यिक और सांस्कृतिक रंग बिखेरेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य, शायरी और कविता की परंपरा को बढ़ावा देना तथा साहित्य प्रेमियों को एक मंच पर जोड़ना है।
गौरतलब है कि असरार अहमद खां मुज़्तर बदायूंनी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वह लंबे समय से बदायूं सहित दूसरे जिलों में आयोजित मुशायरों में शिरकत करते रहे हैं। उनकी तीन पुस्तकों का विमोचन साहित्य जगत के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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