नया बदायूं,संवाददाता।
जनपद बदायूं के जगत ब्लॉक क्षेत्र और नगर पंचायत सखानूं के ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या किसानों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। खेतों में घूम रहे छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं सड़कों और मुख्य मार्गों पर इनके झुंड के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। समस्या को लेकर युवा मंच संगठन के बरेली मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्य गुप्ता ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
लक्ष्य गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत और विभिन्न परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में छुट्टा पशुओं द्वारा खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसानों की मेहनत और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। कई किसान रात-रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर भी बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूमते रहते हैं। कई बार पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दोपहिया और अन्य वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा पैदा हो जाता है। उनका कहना है कि इस समस्या का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी इससे जुड़ी हुई है।
लक्ष्य गुप्ता ने कहा कि प्रशासन को इस समस्या के संबंध में पहले भी चेताया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अब प्रशासन को 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा कि छुट्टा पशुओं को तत्काल पकड़कर गौशालाओं में पहुंचाया जाए और ग्रामीण एवं मुख्य मार्गों को पशुओं से मुक्त कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए तो युवा मंच संगठन हाईवे पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी बदायूं प्रशासन की होगी।
युवा मंच की ओर से प्रशासन से मांग की गई है कि जगत ब्लॉक क्षेत्र और सखानूं के ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जाए, उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में भेजा जाए तथा संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए। संगठन का कहना है कि किसानों की फसलों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।

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