नया बदायूं, संवाददाता।
ग्रामीण आंचल में विकास कार्यों में सहयोग के रूप में खड़ी रहने वाली जिला पंचायत की पंचवर्षीय योजना पूर्ण होने वाले हैं। इस पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल विरोधाभास के बीच गुजरा है। पांच वर्षों तक सदस्य बैठकों में चिल्लाते रहे कि हमारे यहां विकास नहीं हुआ और हमारे यहां विकास नहीं हुआ। बोर्ड की बैठकों में आश्वासन दिया गया और फिर अगली बैठकों तक यही स्थिति रही। ऐसी स्थिति के बीच जिला पंचायत के पांच वर्ष गुजर गये। इन पांच वर्षों में विरोधाभास के बीच भी बड़े स्तर पर विकास कार्य कराने का दावा करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने अपना लेखा-जोखा पेश कर दिया है।
शनिवार को जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने पत्रकार वार्ता की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पांच वर्ष में किये विकास कार्यों का लेखा-जोखा मीडिया के सामने रखा और अपने विकास कार्यों को गिनाया है। क्योंकि मई अंत में या फिर जून महीने में जिला पंचायत का कार्यकाल भी समाप्त हो जायेगा। इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव और उनके पति पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव ने अपने विकास कार्यों को गिनाया है कि पांच वर्ष में क्या-क्या विकास कार्य कराये हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने बताया कि पांच वर्ष में 184 करोड़ 35 लाख 72 हजार रुपये का बजट खर्च किया है। जिसमें अब तक कुल 1047 विकास कार्य कराये हैं। जिसमें 687 विकास कार्यों में मिट्टी कार्य, खडंजा, सीसी रोड़, लेपन कार्य कराये हैं। इसके अलावा 354 नाला और नाली का निर्माण कार्य कराया है। इसके अलावा छह अमृत सरोवर के कार्य कराये हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव का कहना था कि पांच साल गुजर गये पता नहीं चला कब गुजर गये। यह पांच वर्ष जिला पंचायत जैसी संस्था में परिवार की तरह गुजरे हैं, पांच वर्ष में कुछ खट्टी और कुछ मीटी बातें हुई लेकिन बिना भेदभाव के कार्य कराये गये। वहीं अगर पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल पर गौर करेंगे तो हर बोर्ड की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों की काफी नोकझोंक होती रही और हंगामा भी होते रहे। पांच वर्ष तक बैठकों में विरोधाभास के बीच जिला पंचायत सदस्य आरोप लगाते रहे कि जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति अपनी इच्छा अनुसार क्षेत्र में विकास कार्यों को स्वीकृत दिला रहे हैं। आरोप लगाते, धरना देते पांच वर्ष गुजर गये लेकिन सदस्यों की इच्छा अनुसार विकास कार्य नहीं हो सके। इसके बाद भी 184 करोड़ 35 लाख 72 हजार के विकास कार्य करा दिया है।
अध्यक्ष और पति के खिलाफ धरना पर बैठे थे सदस्य
जिला पंचायत में विकास कार्यों में बंदरबांट किया और कुछ सदस्यों को काम दिया गया और कुछ सदस्यों के पूरे कार्यकाल में एक-एक, दो-दो काम ही स्वीकृत किये गये तो छह महीने पहले जिला पंचायत के सदस्य जिला पंचायत में आकर धरना पर बैठ गये। जिला पंचायत सदस्य एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहर सिंह लोदी, राजेश कुमार सिंह झंडू भईया, राजवती, भूपेंद्र सहित कई सदस्य बैठे थे और जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव के खिलाफ नारेबाजी की थी, जैसे-तैसे आश्वासन देकर सदस्यों को शांत किया लेकिन फि भी बाद में विकास कार्य नहीं दिये गये।
एएमए ने लगाया था मारपीट का आरोप
बदायूं जिला पंचायत में मेला ककोड़ा के दौरान जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की गई। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक खत्म होने के बाद सदस्य और अन्य बाहर निकल आये थे, इसके बाद तत्कालीन एएमए मासूम रजा ने जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव के पति जितेंद्र यादव पर कमरा में बंद करके मारपीट का आरोप लगाया था। जिला पंचायत पर हंगामा हुआ था और फिर तत्कालीन एएमए मासूम रजा और उनके साथ कर्मचारी तत्कालीन डीएम आवास पर जाकर मिले थे और फिर एसएसपी के आवास पर जाकर एसएसपी से मिले और थाने में तहरीर दी। इस घटना में भी जैसे-तैसे समझाकर राजनीतिक तौर पर मामले को शांत कराया और फिर एएमए को बदायूं जिला पंचायत से तबादला कराया गया।
प्रदेश में प्रथम स्थान पर आई जिंप
शनिवार को बैठक करते समय जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने बताया कि जिला पंचायत के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने बेहतर कार्य किया है तो बदायूं जिला पंचायत विकास कार्यों में प्रदेश में नंबर प्रथम पर आ गई है। प्रदेश में प्रथम स्थान पर आने से सभी में खुशी है और गर्भ की बात है।
जिला पंचायत से बनाये गये अमृत सरोवर
जिला पंचायत की ओर से पांच वर्ष में अमृत सरोवर पर भी धन को खर्च किया गया है। जिसमें जिला पंचायत की ओर से छह अमृत सरोवर अलग-अलग विधानसभाओं में बनाकर चलाये गये हैं। बिल्सी तहसील में कौल्हाई गांव, बिल्सी विधानसभा में खंदक गांव में, बिसौली विधानसभा में मैंथरा गांव में, बदायूं विधानसभा में पुठी सराय गांव में, शेखूपुर विधानसभा के ककोड़ा गांव में, दातागंज विधानसभा के घिलौर गांव में अमृत सरोवर बनाये गये हैं।

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