बदायूं संवाददाता।
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तीसरे दिन वजीरगंज में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा छह की मेधावी छात्रा नेहा को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) वजीरगंज बनाया गया। इस पहल के माध्यम से बालिका को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और भविष्य के लिए बड़े सपने देखने का अवसर मिला।
एक दिन की खंड शिक्षा अधिकारी बनीं नेहा ने बीईओ कार्यालय में बैठकर पूरे दिन विभागीय कार्यों को समझा। उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्थाओं और अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने जाना कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को किस प्रकार विभिन्न कार्यों की निगरानी और समन्वय करना पड़ता है।
इस अनूठी पहल से नेहा को न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों को करीब से जानने का अवसर मिला, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी प्रोत्साहन मिला। कार्यालय में अधिकारियों के बीच बैठकर विभागीय कार्यों को समझना उनके लिए एक नया और उत्साहजनक अनुभव रहा।
बड़ी अधिकारी बनकर बालिकाओं को शिक्षा के लिए करूंगी प्रेरित : नेहा
एक दिन की बीईओ बनीं नेहा ने कहा कि वह पढ़-लिखकर भविष्य में बड़ी अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे चलकर अन्य बालिकाओं को भी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी।
नेहा की इस आकांक्षा ने मिशन शक्ति के उद्देश्य को भी रेखांकित किया। बालिकाओं को जिम्मेदार पदों पर कार्य करने का सांकेतिक अवसर देकर उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व के गुण विकसित किए जा सकते हैं। ऐसी पहल उन्हें यह समझने में मदद करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और शिक्षा के बल पर वे जीवन में अपने लक्ष्य हासिल कर सकती हैं।
बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाना मिशन शक्ति का उद्देश्य
खंड शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार कनौजिया ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। बालिकाओं को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बालिकाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य के लक्ष्यों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं अपने जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं। समाज में उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी वजीरगंज दिलीप कुमार कनौजिया, एआरपी अनूप कुमार शर्मा, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन नीलम सक्सेना, शिक्षिका कुसुम रानी, चेतना यदुवंशी सहित बीआरसी के समस्त स्टाफ की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता का महत्व समझाने का संदेश दिया गया। साथ ही यह प्रेरणा दी गई कि बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।

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