नया बदायूं। ब्यूरो कार्यालय
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से ढाई महीने पहले लापता हुए 11 वर्षीय बालक अर्पित विश्वकर्मा की तलाश अब बदायूं जनपद में भी तेज कर दी गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आम जनता से बालक की खोज में सहयोग की भावुक अपील की है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर से प्राप्त विशेष अनुरोध पत्र के बाद शुरू की गई है।
20 मई से लापता, अब तक नहीं लगा कोई सुराग
लापता बालक की पहचान अर्पित विश्वकर्मा (11) पुत्र महेश विश्वकर्मा, निवासी ग्राम पटपरा, थाना कमरजी, जनपद सीधी (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार अर्पित 20 मई 2026 को अचानक घर से लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला, तो थाना कमरजी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अपराध संख्या 155/2026 दर्ज कराया गया।
देशभर में जारी तलाश, सभी राज्यों से मांगी मदद
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक बालक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने देशभर के सभी राज्यों के विधिक सेवा प्राधिकरणों को पत्र भेजकर सहयोग मांगा है। इसी क्रम में बदायूं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भी सक्रिय हो गया है और स्थानीय स्तर पर बालक की तलाश के लिए अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
जनता से अपील, सूचना मिलते ही जानकारी दें
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस बालक के संबंध में कोई भी जानकारी—चाहे वह छोटी ही क्यों न हो—मिलती है, तो तुरंत सूचित करें।
यहां दें सूचना
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, दीवानी न्यायालय परिसर, बदायूं।
नजदीकी पुलिस थाना
प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कानूनी और पुलिस कार्रवाई की जाएगी, ताकि मासूम बालक को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
मानवीय संवेदना से जुड़ा मामला
यह मामला केवल एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि एक परिवार की पीड़ा और उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। ढाई महीने से अपने बेटे की तलाश में भटक रहे परिजनों की निगाहें अब पूरे देश की मदद पर टिकी हैं। ऐसे में प्रशासन और आमजन का सहयोग इस बच्चे को उसके घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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