नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं शहर के गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर भारत स्काउट गाइड के तत्वावधान में चल रहे पांचवें दिन स्काउट गाइड ने प्यास से व्याकुल राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल पिलाया। बच्चों का उत्साह देखते ही बना। स्काउट संस्था के जिला मुख्यायुक्त एवं प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश चंद्र सक्सेना ने बच्चों के कार्य की सराहना की। वहीं यहां पहुंचे लोगों ने ठंडा जल पिया और कहा कि स्काउट गाइड ही एक ऐसी संस्था है जो जनसेवा में हमेशा आगे रहती है। गर्मी में जनता की स्काउट गाइड के द्वारा जलसेवा की जा रही है। गांधी नेत्र चिकित्सालय की आजीवन सदस्य पुष्पा टंडन और कोषाध्यक्ष विनोद कुमार सक्सेना ने शिविर का निरीक्षण किया। इस मौके पर शगुफ्ता परवीन, शीबा, समरीन खान, रुचित, सागर, इकरा अनीस, अनम, शगूफी, अलफिशा, अलीशा, हुमैरा, तारिशा, अज्जाम अहमद आदि मौजूद रहे।
जल की बर्बादी प्रकृति के साथ अन्याय
जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने कहा कि प्रकृति हमें नदियां, तालाब और वर्षा के रूप में जल देती है, लेकिन हम ही उसे प्रदूषित और नष्ट कर रहे हैं। जल की बर्बादी सीधे-सीधे प्रकृति के साथ अन्याय है। यदि हम प्रकृति का सम्मान करेंगे और जल का सही उपयोग करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और पर्याप्त जल मिल सकेगा।
प्रकृति और जल एक-दूसरे के पूरक
संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकृति और जल एक-दूसरे के पूरक हैं। जल के बिना न तो हरियाली संभव है और न ही जीवन। आज पेड़ों की कटाई और जल स्रोतों की उपेक्षा ने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है। हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाते हुए जल संरक्षण करना होगा, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रह पाएगा।
जल पर निर्भर करता प्रकृति संतुलन
शैक्षिक नवाचार के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रकृति का संतुलन जल पर ही निर्भर करता है। जब जल की कमी होती है, तो खेती, पशु-पक्षी और मानव जीवन सभी प्रभावित होते हैं। इसलिए हमें जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना चाहिए और प्रकृति की रक्षा करते हुए हर बूंद का मूल्य समझना चाहिए। यही हमारे उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।

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