बदायूं संवाददाता।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद बदायूं के विकासखंड आसफपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय मुसिया नगला और ललुआ नगला में विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षा ऑडिट कर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
सुरक्षा ऑडिट के दौरान टीम ने विद्यालयों के कक्षों, कार्यालयों और विद्युत व्यवस्था की गहनता से जांच की। टीम में सिविल इंजीनियर आयुष कुमार सिंह, फायर एक्सपर्ट राजेश कुमार सक्सेना तथा आपदा विशेषज्ञ आकाश बाबू और देवेंद्र कुमार शामिल रहे। विशेषज्ञों ने विद्यालय भवन की सुरक्षा के साथ ही बिजली की वायरिंग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, एमसीबी, मेन लाइन, जर्जर विद्युत तारों और झूलते तारों की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके अलावा विद्यालय परिसर में ज्वलनशील पदार्थों की उपलब्धता और उनसे उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों की भी जांच की गई।
सुरक्षा मानकों की जांच पर दिया जोर
ऑडिट टीम ने विद्यालयों में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया, ताकि किसी भी संभावित खतरे की समय रहते पहचान कर उसे दूर किया जा सके। विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित बिंदुओं पर ध्यान दिया गया।
इस कार्य में ग्रामवासियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भी सहयोग किया। सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया को लेकर विद्यालय के शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की सराहना की।
शिक्षकों का कहना था कि विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। इससे स्कूलों में मौजूद कमियों की पहचान होगी और उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी। सुरक्षित विद्यालय वातावरण बनने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को बेहतर एवं सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।
विद्यालय स्टाफ रहा मौजूद
इस दौरान विद्यालय स्टाफ से विनोद कुमार गंगवार, विवेक कुमार, सीमा रानी, अर्चना, विश्राम सिंह, अर्चना कुमारी, राजू शर्मा, मीना देवी, नेहा सिंह, सुनीता शर्मा, रश्मि, अनिल कुमार शर्मा, राजबाला, मंजूषा, गुड्डो देवी और लवी कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Discussion about this post