बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लंबे समय से बनाए जा रहे थे जिसमें गोरखपुर, शाहजहांपुर, अलीगढ़ के बाद बदायूं में फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े गए। इस मामले में पिछले दिनों दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम में छापा मारा। इसके बाद सीएमओ डॉक्टर विकास शर्मा ने सख्ती में दिखाई और दिव्यांगजन बोर्ड को भंग कर दिया। दो सप्ताह से दिव्यांगजन बोर्ड नहीं लग पा रहा था जिसकी वजह से दिव्यांगजनों को दिक्कत हो रही थी और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसकी खबर को सोमवार को प्रमुखता से नया बदायूं न्यूज़ चैनल ने दिखाया, जिस पर संज्ञान लेकर सीएमओ डॉक्टर विकास शर्मा ने दिव्यांगजन का बोर्ड का गठन कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिव्यांग मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है। बोर्ड में आंख, हड्डी और ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों को शामिल किया गया है। इसके अलावा दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य विभागीय कार्यों के लिए बाबू की भी तैनाती की गई है। निर्धारित दिवस पर दिव्यांगता से संबंधित मामलों की जांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में की जाएगी।
बोर्ड में आंख रोग विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. वसीम और डॉ. कुशल पाल को शामिल किया गया है। जिन महीनों में पांच सोमवार पड़ेंगे, उनमें पांचवें सोमवार को डॉ. उत्पल रस्तोगी आंख रोग विशेषज्ञ के रूप में बोर्ड में सेवाएं देंगे। हड्डी रोग विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. रियाज को जिम्मेदारी दी गई है। पांच सोमवार वाले महीनों में पांचवें सोमवार को डॉ. वागीश हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में बोर्ड में शामिल होंगे।
ईएनटी से संबंधित मामलों की जांच के लिए डॉ. एमएस सिद्दीकी को बोर्ड में शामिल किया गया है। वहीं मेडिकल बोर्ड की दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य विभागीय कार्यों के लिए जसराज को बाबू के तौर पर तैनात किया गया है। अभी तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है। बता दे कि पिछले बोर्ड को सीएमओ ने पूरी तरह भंग कर दिया और नए तरीके से बोर्ड बनाया गया जिसमें नए डॉक्टर को मौका दिया गया है।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि दिव्यांग मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। इससे दिव्यांग लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।

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