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सीएमओ दफ्तर में दिव्यांग प्रमाण पत्र का ‘गोरखधंधा’, दलालों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बन रहे थे फर्जी सर्टिफिकेट

Naya Badaun by Naya Badaun
September 10, 2026
सीएमओ दफ्तर में दिव्यांग प्रमाण पत्र का ‘गोरखधंधा’, दलालों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बन रहे थे फर्जी सर्टिफिकेट
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नया बदायूं, संवाददाता।

सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल परिसर में पिछले लंबे समय से चल रहे दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। यहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और दलालों के गठजोड़ से न सिर्फ असली दिव्यांगों से मोटी रकम ऐंठी जा रही थी, बल्कि जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं, उनके भी 45 प्रतिशत दिव्यांगता के फर्जी प्रमाण पत्र धड़ल्ले से बनाए जा रहे थे।

दिव्यांग प्रमाण पत्र में 10 से 85 हजार रुपये तक की वसूली
महिला अस्पताल के गेट पर स्थित जनसेवा केंद्र संचालक और विभागीय तंत्र मिलकर प्रति प्रमाण पत्र 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की वसूली कर रहे थे। वहीं नेकपुर निवासी भुवनेश शर्मा नाम का एक दलाल दिव्यांगों से प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 10 हजार से लेकर 85 हजार रुपये तक की मोटी रकम ऐंठ चुका है। इस खेल के कारण असली दिव्यांगजन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि दलाल और रसूखदार लोग बिना किसी समस्या के फर्जी प्रमाण पत्र हासिल कर रहे हैं।

सीएमओ की बड़ी कार्रवाई, डाटा ऑपरेटर बर्खास्तगी तय
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जब से घटना का खुलासा किया है और पूछताछ कर रही है उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विकास शर्मा ने तत्काल प्रभाव से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डाटा ऑपरेटर शेरसिंह सोलंकी को तुरंत काम से हटाया जाए और उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया जाए। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि नोटिस में साफ तौर पर इस बात का उल्लेख हो कि ऑपरेटर दिव्यांगों से दलाली और धन उगाही के मामले में संलिप्त था। हालांकि सीएमओ ने सख्त रुक अपनाते हुए विकलांग बोर्ड से डॉक्टर पीयूष मोहन अग्रवाल को हटा दिया है वहीं इस बोर्ड की टीम में शामिल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमेश को भी हटाकर जगत सीएससी पर संबद्ध कर दिया गया है। पूरी कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी बदायूं से लेकर एडी बरेली को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल मामले में क्राइम ब्रांच दिल्ली ने 17 सितंबर को डॉक्टर ऑपरेटर को तलब किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ विकास शर्मा ने बताया है कि जिले में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी भी दिव्यांगजन को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।

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