बदायूं संवाददाता।
मंगलवार दोपहर सीएमओ कार्यालय पर भारतीय दिव्यांग सेवा समिति के बैनर तले दिव्यांगजनों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिव्यांग बोर्ड के डॉक्टरों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे देने वालों को 100 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है, जबकि वास्तविक रूप से 100 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद पैसे नहीं देने वालों को केवल 40 प्रतिशत का प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

इसके बाद समिति ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें दिव्यांगजन अधिनियम-2016 को पूर्ण रूप से लागू कराने, रोडवेज बसों में दिव्यांगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगाने, रुकी हुई पेंशन दिलाने और 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की मांग की गई।
इसके अलावा दिव्यांगजनों के आवास और आयुष्मान कार्ड बनवाने, रोजगार के लिए पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा गैस सिलेंडर और बिजली बिल में निशुल्क सुविधा देने की मांग उठाई गई।

समिति ने प्रशासन से दिव्यांगजनों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने और सीएमओ कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

Discussion about this post