नया बदायूं, संवाददाता मुजरिया (बदायूं)।
जनपद बदायूं में तहसील सहसवान एवं थाना मुजरिया क्षेत्र के गांव चतुरी नगला स्थित वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने गांव के कुछ लोगों तथा हल्का लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
गुरुवार को ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती तक पहुंचने वाला लगभग 50 वर्ष पुराना सार्वजनिक रास्ता है। गांव के उमेश, पंकज और भानु द्वारा एक जून 2026 को ट्रैक्टर चलाकर जोत दिया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसके चलते वाल्मीकि समाज के लोगों के आवागमन में भारी परेशानी उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ितों के अनुसार उन्होंने इस संबंध में तहसील समाधान दिवस एवं थाना समाधान दिवस में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हल्का लेखपाल तथा ग्राम प्रधान पति की सांठगांठ के चलते सही पैमाइश नहीं कराई जा रही है, जिससे विवाद का निस्तारण लंबित पड़ा हुआ है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने डीएम से निष्पक्ष राजस्व एवं पुलिस टीम गठित कर मौके की जांच कराने, पुराने रास्ते को पुनः खुलवाने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उन्हें गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इस मामले में डीएम बदायूं ने पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राजस्व विभाग की टीम गठित कर निष्पक्ष पैमाइश कराई जाएगी। साथ ही यदि रास्ता अवरुद्ध पाया जाता है तो उसे खुलवाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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