बदायूं संवाददाता।
शासन के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद में कंपोजिट विद्यालयों का स्कूल सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है। इसी क्रम में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने आसफपुर विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय खेड़ा दास और दावरी का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यालय भवन की मजबूती, कक्षाओं की भौतिक स्थिति, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत वायरिंग, आपातकालीन निकास और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को बारीकी से परखा। टीम ने विद्यालय परिसर में ऐसे स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहां विद्युत व्यवस्था या भवन की स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका हो सकती है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था का आकलन किया गया।
स्कूल सेफ्टी ऑडिट टीम में आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ आकाश बाबू और नीलम सागर, फायर सेफ्टी विशेषज्ञ राजेश कुमार सक्सेना तथा स्ट्रक्चरल इंजीनियर आयुष कुमार सिंह और विवेक गुर्जर शामिल रहे। विशेषज्ञों ने विद्यालयों में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान जिला एमआईएस/आईटी विशेषज्ञ ईसार अली और डीपीएम अमर सिंह ने भी औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालयों की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए सुरक्षा संबंधी तैयारियों की जानकारी ली।
खंड शिक्षा अधिकारी ने किया विद्यालय कार्यालय का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कंपोजिट विद्यालय खेड़ा दास में विद्यालय कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नीलम वार्ष्णेय के कार्यों की सराहना करते हुए समस्त स्टाफ से निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। आज के बच्चे ही आगे चलकर देश का भविष्य बनेंगे। इसलिए शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
बच्चों को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके
निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को आपदा से बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता बरतने की जानकारी भी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना चाहिए और शिक्षकों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों को व्यावहारिक जानकारी देने के लिए मॉक ड्रिल भी कराई गई।
स्कूल सेफ्टी ऑडिट का उद्देश्य विद्यालयों में संभावित जोखिमों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्र-छात्राओं और विद्यालय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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