नया बदायूं, संवाददाता।
जिले में डेंगू का प्रकोप स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। एक के बाद एक गांवों में बुखार और डेंगू के मामले सामने आने के साथ ही मौतों की खबर से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। जगत ब्लॉक के बीबीपुर में डेंगू से मौत के बाद मीरापुर में महिला की मौत और अब नेथू गांव में तीन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हुई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने नेथू में हुई मौतों को डेंगू से होना स्वीकार नहीं किया है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार निजी लैब की जांच और स्थानीय स्तर पर किए गए उपचार के दौरान मौतों को डेंगू से जोड़ा गया है।

बीबीपुर में मौत के बाद स्वास्थ्य, मलेरिया और पंचायत विभाग की टीमों ने गांव में गतिविधियां बढ़ाई थीं। इसके कुछ दिन बाद वजीरगंज क्षेत्र के मीरापुर गांव में डेंगू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर जांच और उपचार किया। इसके बावजूद गांव में लगातार बुखार और डेंगू के मरीज सामने आने की बात कही जा रही है।
अब जगत ब्लॉक का नेथू गांव स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। गांव में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव का दौरा कर रही हैं। बुधवार को जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मोहम्मद तहसीन और एपिडेमियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कौशल गुप्ता की टीम ब्लॉक जगत की टीम के साथ नेथू पहुंची। यहां स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की गई और मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी अमित कुमार तिवारी भी टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम ने गांव में मच्छरों के लार्वा की जांच के साथ आवश्यक स्थानों पर छिड़काव और फॉगिंग कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी लेने के साथ उन्हें जांच और उपचार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने गांव में नियमित जांच, फॉगिंग और साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग की है। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच अब विभाग की सक्रियता पर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हैं।

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