नया बदायूं,संवाददाता।
शहर के सिटी मॉल में संचालित “सफायर नाइट क्लब” को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर अश्लील डांस, शराब परोसने के दौरान जाम छलकाने, हुक्का इस्तेमाल और बार बालाओं पर खुलेआम पैसे लुटाने जैसे दृश्य सामने आए थे। वीडियो में यह भी आरोप लगाए गए कि कार्यक्रम के दौरान नाबालिगों की मौजूदगी में इस तरह की गतिविधियां हो रही थीं, जिससे शहर की सामाजिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े हो गए। मामले में जिला प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत हो चुकी है और प्रशासन की ओर से नोटिस भी जारी हो चुका है। वहीं डीएम की ओर से कमेटी बनाकर जांच बैठा दी गई है लेकिन अभी तक निर्णय कोई नहीं आया है। सिटी मॉल और सफायर नाइट क्लब प्रबंधन की ओर से जवाब तो दाखिल नहीं किया गया लेकिन जवाब दाखिल करने के लिए समय और मांगा है।

जनता में आक्रोश, अनुमति पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद बदायूं की जनता ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर बिना प्रशासनिक अनुमति (एनओसी) के इस प्रकार के आयोजन कैसे संचालित हो रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे शहर की संस्कृति के खिलाफ बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। जनता सवाल उठा रही बिना अनुमति के अश्लील डांस ऐसे आयोजन कराए गए इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन की ओर से क्यों करवाई नहीं की गई।

शिकायतों का दायरा बढ़ा, उच्च स्तर तक पहुंचा मामला
मामले को गंभीरता से लेते हुए युवा मंच संगठन के संस्थापक ध्रुव देव गुप्ता ने सबसे पहले जिला प्रशासन को शिकायत सौंपी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री स्तर पर भी शिकायत दर्ज कराई। मामला यहीं नहीं रुका—उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचकर अपनी बात रखी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा किसान यूनियन के नेता राजेश सक्सेना ने आपत्ति दर्ज कराई इसके अलावा आकाश गुप्ता और कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। इससे साफ है कि यह मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।
प्रशासन सख्त, नोटिस जारी
विवाद बढ़ने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार ने सिटी मॉल प्रबंधन और “सफायर नाइट क्लब” के प्रबंधक को नोटिस जारी कर चार दिन के भीतर जवाब तलब किया था। हालांकि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर दोनों प्रबंधनों ने 13 दिन का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। 13 दिन का समय भी करीब आने वाला है लेकिन अभी तक दोनों प्रबंधन की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
डीएम ने गठित की जांच कमेटी
जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अरुण कुमार और एसपी सिटी अभिषेक सिंह की संयुक्त टीम गठित कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। टीम को यह भी जांचने को कहा गया है कि क्लब के संचालन में किन-किन नियमों का उल्लंघन हुआ है और क्या आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं या नहीं।
समयसीमा पूरी होने के करीब, जवाब अब भी लंबित
अब 13 दिन की समयसीमा भी लगभग समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक सिटी मॉल प्रबंधन और नाइट क्लब संचालकों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया है। इससे शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
कार्रवाई के संकेत
सिटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा के भीतर जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो एक और रिमाइंडर नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी जवाब न मिलने या संतोषजनक स्पष्टीकरण न होने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण, सीलिंग और अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन की नजर, जनता की उम्मीद
पूरे मामले पर अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और शहर की सामाजिक गरिमा बनी रहे।

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