बदायूं संवाददाता।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेतृत्व में शनिवार को मालवीय आवास गृह पर किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान हरी टोपी पहनकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित 27 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
यह प्रदर्शन 23 अक्टूबर को प्रस्तावित था, लेकिन शिक्षक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर इसे 24 अक्टूबर को आयोजित किया गया। मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के नेतृत्व में सुबह से ही मालवीय आवास गृह पर किसानों का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर करीब दो बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि किसानों की हालत बेहद खराब है। सरकार की ओर से अन्नदाताओं को राहत देने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने डीएपी खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में खुलेआम 2000 रुपये प्रति कट्टा डीएपी बेची जा रही है, लेकिन इस पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है।
उन्होंने लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचले जाने की घटना का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने एमएसपी को कानूनी गारंटी देने, बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने तथा किसानों की कर्ज वसूली पूरी तरह रोकने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसान कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं, ऐसे में उन्हें राहत दी जानी चाहिए।
सरकार पर किसानों की जमीन छीनने का आरोप
इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा कि किसान सीधा-सादा और भोला-भाला होता है, लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकार ने किसानों पर जुल्म की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन जबरन पूंजीपतियों के हवाले की जा रही है और किसानों को भूमिहीन बनाकर मजदूर बनाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि अन्नदाता अपनी जमीन और आजीविका सुरक्षित रख सकें।
पंचायत की अध्यक्षता पंडित रमेश चंद्र शर्मा ने की, जबकि संचालन ज्ञान शंकर यजुर्वेदी ने किया।
इस अवसर पर जिला सचिव दुर्वेंद्र सिंह चौहान, सदर तहसील उपाध्यक्ष केसर अली, उझानी नगर उपाध्यक्ष वीरपाल सिंह, उसावा ब्लॉक उपाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह, ज्ञान शंकर यजुर्वेदी, आराम सिंह ठाकुर, बृजेश सिंह, बाबू सैफी, सूबेदार कुशवाहा, ओम सिंह यादव, चंद्रकेश यादव, ओमपाल राजपूत, भीमसेन राजपूत, जब सिंह राजपूत, रामसेवक यादव, शिवदयाल सागर, रामबाबू कश्यप और तिलक चंदन कश्यप सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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