नया बदायूं, संवाददाता।
कादरचौक स्थित राधिका नर्सिंग होम में प्रसूता के सीने पर बैठकर प्रसव कराने से हुए नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें कादरचौक के एमओआईसी, नर्सिंग होम संचालिका, सीएचसी की नर्स, दाई व एक अन्य महिलाकर्मी को नामजद किया गया है। मामले की जांच के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने एक टीम गठित की है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नवजात की मौत की वजह आक्सीजन की कमी बताई गई है। इस मामले में सीएमओ ने जांच को टीम गठित कर दी है। वहीं अचानक सीएमओ ने अस्पतालों पर छापामारी की तो कादरचौक और ककराला दोनों जगह के चिकित्सा अधीक्षक गयाब मिले हैं। जिनका वेतन रोका है।
मंगलवार को सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कादरचौक और ककराला सीएचसी का निरीक्षण किया। कादरचौक मामले के बाद सीएमओ भी सख्त हुए, उन्होंने कादरचौक सीएचसी पर छापा मारा तो यहां पांच-छह कर्मचारी गायब थे। इसके अलावा चिकित्सा अधीक्षक गायब थे। इसके बाद ककराला सीएचसी पहुंचे तो यहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भुवनेश कुमार गायब थे। बतादें कि कादरचौक के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अवधेश यादव को ककराला का चिकित्सा अधीक्षक बनाया है तो वहीं ककराला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भुवनेश कुमार को कादरचौक भेजा है। मगर दोनों एमओआईसी ने संबधित जगह तैनाती ली नहीं है और पूर्व तैनाती स्थल पर मिले नहीं हैं। इसीलिए सीएमओ ने गायब मिलने पर दोनों का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है और जबाव तलब किया है।
एमओआईसी सहित पर मुकदमा दर्ज
कादरचौक थाना क्षेत्र के ललसी नगला गांव मजरा गंगवरार निवासी छोटेलाल ने बताया कि राधिका नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक महिलाकर्मी ने प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। छोटेलाल ने डीएम अवनीश राय को मामले से अवगत कराया। सूचना पर एसडीएम सदर मोहित सिंह, सीओ उझानी सुनील कुमार, प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित व डॉ. कौशल गुप्ता ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। इस पर नर्सिंग होम को सील कर दिया। पुलिस ने एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर, नर्सिंग होम संचालिका उनकी बहन मोनिका राठौर, कादरचौक सीएससी की स्टाफ नर्स शशिलता, दाई बविता व सीएचसी की एक अन्य महिला कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यह टीम करेगी जांच
कादरचौक राधिका नर्सिंगहोम मामले को लेकर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने जांच टीम गठित कर दी है। यह टीम तीन सदस्यी कमेटी बनाई है। जिसमें जिला महिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेये और डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन गंगवार सहित की टीम बनाई है। टीम की रिपोर्ट पर अंतरिम कार्रवाई की जायेगी।

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