नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी लंबे समय से इंतजार के बाद एक बार फिर से मैदान में आ गई हैं। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष जौली वैश्य के नेतृत्व में काफी आशा कार्यकत्री सीएमओ कार्यालय पहुंची। यहां सीएमओ डॉ. मोहन झा को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान सीएमओ डॉ. मोहन झा ने सभी को आश्वासन दिया कि शासन को पत्र भेजा जायेगा। शासन से बजट आते ही जल्द ही सभी आशाओं को पैसा जारी किया जायेगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि काफी समय से सरकार द्वारा संगठन की मांगों को लेकर बादा खिलाफी की जा रही है तीन दिन में हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन फिर से शुरू कर देंगे। अबकी बार धरना प्रदर्शन बदायूं से लेकर शासन तक किया जायेगा।
यह है मुद्दा
छह फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी और डिप्टी सीएम के साथ 15 दिसंबर से जारी आंदोलन के मांगपत्र पर वार्ता हुई थी। 13 सूत्रीय मांगपत्र की पहली मांग के आंशिक रूप से स्वीकार करने और अन्य मांगों पर पूर्ण सहमति के साथ उन्हें पूरा करने का लिखत के समझौता करते हुये उसके क्रियान्वयन और विचार विनिमय को अपर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर नौ फरवरी को उसके साथ बैठक तय की थी और तीसरे चक्र में स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में समझौते को अंतिम रूप देने का विश्वास दिलाया गया था। नौ फरवरी को हुई बैठक के बाद आज तक अगले चरण की वार्ता नहीं बुलाई गयी। जिससे राज्य वित्त से मिकलने वाली 1500 रुपये की राशि को बढ़कार 6000 करने, मातृत्व अवकाश दिये जाने, साप्ताहिक त्यौहारी व राष्ट्रीय छुट्टियां अनुमन्य किये जाने स्वास्थ्य बीमा की कैशलेस योजना राशि के अलावा पांच लाख और दिये जाने व जीवन बीमा राशि को 20 लाख किये जाने सभी प्रोत्साहन राशियों का पुनरीक्षण करने आदि मांगों पर सहमति के बाद कोई ठोस स्थिति आज तक नहीं बन सकी।
आशाओं के अन्य भुगतान भी नहीं दिये
वर्षों से विभिन्न अभियानों में योगदान का कोई पारिश्रमिक/प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान गोल्डन कार्ड में 2018 से जारी योगदान का आज तक एक रुपये भी अदा नहीं किया गया। इसी तरह 2019 माह से 31 दिसंबर 2021 तक का राज्य वित्त से जारी 750 की दर से प्रति आशा, संगिनी को घोषित 28 माह की प्रोत्साहन राशि का आज तक भुगतान नहीं किया गया। केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 में योगदान पर घोषित प्रतिमाह 1000 की राशि भी लगभग भुला दी गई है। इसी तरह कुष्ठ रोग, टीबी सहित अनेकानेक कार्यों की प्रोत्साहन राशियों का भुगतान अटका हुआ है। आशा आभा आईडी के सृजन में एक जनवरी 2023 से योगदान और उसी अनुसार ही भुगतान का आदेश भी जारी किया।

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