नया बदायूं, संवाददाता।
एसडीएम सहसवान के निर्देशानुसार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित अस्पतालों एवं जच्चा-बच्चा केंद्रों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय प्रशासन ने सेवा अस्पताल को सील कर दिया है। अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसते ही अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कार्रवाई चर्चा का विषय रहा है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के संरक्षण में एक नहीं 20-20 अवैध अस्पताल चल रहे हैं। जिनसे वसूली सीएचसी का एक एक्स-रे टैक्नीशियन कर रहा है और संरक्षण दे रहा है।
मंगलवार को एसडीएम के सख्त आदेशों के बाद, नायब तहसीलदार मोहित कुमार और चिकित्सा विभाग की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान बिना पंजीकरण और मानकों को पूरा किए संचालित हो रहे सेवा अस्पताल को पाया गया। जिसके बाद टीम ने तुरंत प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में हड़कंप मच गया है। सीएचसी सहसवान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एसडीएम के नेतृत्व में अवैध अस्पतालों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा। जितने भी जच्चा-बच्चा केंद्र बिना उचित मानकों और पंजीकरण के चल रहे हैं, उन सभी के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध (क्रमवार) तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके नायव तहसीलदार मोहित कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रशांत त्यागी, केबी चर्तुवेदी, डा. अशफाक हुसैन सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
सहसवान में अवैध रूप से चल रहे 20 हास्पीटल
सहसवान तहसील क्षेत्र बड़ा है। ग्राणीणक्षेत्र को छोड़कर अगर कस्बा की बात क रें तो कस्बा में ही 20 अस्पताल अवैध तरीके से चल रहे हैं। जिन पर शिकंजा कसना अफसर नहीं चाहते हैं। स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में अवैध अस्पताल चल रहे हैं। सहसवान के हर मोहल्ला व गली में अवैध रूप से अस्पताल चल रहे हैं। जिनको लेकर सीएचसी के एक्स-रे टैक्नीशियन के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। इस संरक्षण को लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन फिर भी मानने को तैयार नहीं हैं। अफसरों को बातों का चूना लगाकर झोलाछाप का कामकाज देखते हैं।
पद एक्स-रे टैक्नीशियन, काम झोलाछाप को संभालना
सहसवान सीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग ने तैनाती एक्स-रे टैक्नीशियन के रूप में की गई है। मगर स्वास्थ्य विभाग की सेवा करते-करते एक्स-रे टैक्नीशियन को संरक्षण अफसरों से मिल गया है इसलिए सीएचसी पर एक्स-रे टैक्नीशियन का काम न करके अवैध अस्पतालों और झोलाछापों पर कार्रवाई करने का काम देखते हैं, कार्रवाई करने के नाम पर सेटिंग बिठाकर संरक्षण दिया जा र हा है। जिससे मोटी कमाई वसूली जा रही है। अवैध अस्पताल और झोलाछाप एक्स-रे टैक्नीशियन के संरक्षण में संचालित हैं। अब इस बार प्रशासन के सामने कार्रवाई करना मजबूरी बन गया है।

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