नया बदायूं, संवाददाता।
ताजदारे अहले सुन्नत हजरत सालिम मियां साहब के नाम से छोटे सरकार रोड पर बनने वाले भव्य एवं ऐतिहासिक गेट की मंगलवार को संग-ए-बुनियाद रखी गई। 25 अगस्त 2026 को 12 रबीउल अव्वल की चांद की तारीख के अनुसार 11 तारीख को आयोजित कार्यक्रम में जिला काजी हजरत अतीफ मियां कादरी साहब ने गेट की पहली ईंट रखकर निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस मौके पर पूर्व मंत्री आबिद रजा भी मौजूद रहे। गेट की संग-ए-बुनियाद रखे जाने की खबर से हजरत सालिम मियां साहब के चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि ताजदारे अहले सुन्नत हजरत सालिम मियां साहब की मकबूलियत केवल बदायूं तक सीमित नहीं थी, बल्कि देश-विदेश में भी उनके लाखों मुरीद रहे हैं। हजरत सालिम मियां साहब ने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की खिदमत और उन्हें दुआओं से नवाजने में गुजारी। हर मजहब के लोग उनका सम्मान करते थे और उनसे दुआएं लेकर फैज हासिल करते थे। उनके व्यक्तित्व और आध्यात्मिक प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़े रहे।
हजरत सालिम मियां साहब के चाहने वालों की लंबे समय से दिली ख्वाहिश थी कि बदायूं में उनकी याद को स्थायी रूप से संजोने के लिए उनके नाम से एक भव्य और ऐतिहासिक गेट बनाया जाए। मंगलवार को जिला काजी हजरत अतीफ मियां कादरी साहब द्वारा पहली ईंट रखे जाने के साथ इस ख्वाहिश ने साकार रूप लेना शुरू कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने इसे हजरत सालिम मियां साहब की याद और उनके प्रति लोगों की अकीदत से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। संग-ए-बुनियाद रखे जाने के दौरान बड़ी संख्या में कादरी दरगाह से जुड़े और हजरत सालिम मियां साहब के चाहने वाले लोग मौजूद रहे।
आबिद रजा से था विशेष लगाव
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आबिद रजा की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। बताया गया कि हजरत सालिम मियां साहब का आबिद रजा से विशेष लगाव रहा। हजरत सालिम मियां साहब उन्हें हमेशा अपनी दुआओं से नवाजते रहे। इसी जुड़ाव के चलते गेट की संग-ए-बुनियाद के मौके पर आबिद रजा भी मौजूद रहे।
गेट निर्माण की शुरुआत के अवसर पर मौजूद लोगों ने दुआ की कि यह ऐतिहासिक गेट हजरत सालिम मियां साहब की याद और उनके प्रति लोगों की अकीदत की निशानी बने। संग-ए-बुनियाद के मौके पर सैकड़ों अकीदतमंद और कादरी दरगाह से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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