नया बदायूं, संवाददाता।
विद्युत निगम से छंटनी में हटाए गए कर्मचारी न्याय न मिलने के कारण परेशान हैं। वह अपने बिसौली क्षेत्रीय विधायक आशुतोष मौर्या से मिले और उन्हें अपना दर्द सुनाते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन दिया है। जिसमें कर्मचारियों ने अपना दुख़ड़ा रोया है और बताया कि उनका उत्पीड़न किस कदर किया गया है और फिर भी सिस्टम व सरकार समस्या को सुनना पसंद नहीं कर रही है।
मंगलवार को बिसौली विधायक को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से इस दौरान पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि हम विद्युत विभाग में आऊटसोर्सिंग के माध्यम से भिन्न-भिन्न 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्रों पर लाइन अनुरक्षण एवं उपकेंद्र परिचालक के पदों पर कार्य करते थे। हम लोगों को मई 2025 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा की गई छंटनी में हटा दिया गया था वहीं 23 मई 2025 को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन की अध्यक्षता में प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन लखनऊ के साथ हुई बैठक वार्ता में प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन लखनऊ द्वारा आश्वस्त किया गया था। कि नव ऊर्जित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं आवश्यकता अनुसार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर छंटनी में हटाए गए कर्मचारियों को ही प्राथमिकता पर रखा जाएगा, न की बाहरी तथा नए अनुभवहीन लोगों को रखा जाएगा। बतादें कि नव ऊर्जित 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र सराय बरौलिया पर सात नये कर्मी, दो उपकेंद्र बिसौली तहसील स्तर व खितौरा पर बाहरी व अनुभवहीन कर्मचारीयों को तैनात किया गया है जबकि 26 दिसंबर 2025 को एक्सईएन खंड तृतीय बिसौली बदायूं के दुारा 15 नग कर्मचारीयों को रखने को सूची आवश्यकतानुसार जो कि छंटनी में हटे हुए कर्मचारीयों को रखने के लिए अधिक्षण अभियंता व मुख्य अभियंता बरेली को भेजा गया था जिस पर मुख्य अभियंता बरेली के द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। साठगांठ करके नये कर्मचारियों को रखा गया है। ज्ञापन देने वालों में सुभाष यादव, रतनलाल, प्रदीप प्रजापति, रनजीत सिंह, जगतपाल, रामसेवक, राम खिलाड़ी मौजूद रहे।

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