बदायूं संवाददाता।
मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने अपने क्षेत्र के नजदीकी बैंकों का भ्रमण किया। इस दौरान छात्राओं को बैंकिंग प्रणाली, बैंक खाता संचालन और डिजिटल लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
शासन एवं विभागीय निर्देशों के क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियन विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। बैंक भ्रमण के दौरान बैंक कर्मचारियों ने छात्राओं को बैंक में होने वाले विभिन्न वित्तीय कार्यों की जानकारी दी। उन्हें बैंक खाते में धनराशि जमा करने, पैसे निकालने और इन कार्यों के लिए आवश्यक अभिलेखों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इसके साथ ही छात्राओं को बैंक में खाता खुलवाने की प्रक्रिया, एटीएम कार्ड के माध्यम से धनराशि निकालने, जमा करने तथा पासबुक अपडेट कराने वाली मशीन के उपयोग की जानकारी भी दी गई। बैंक कर्मचारियों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें बैंकिंग सेवाओं के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया।
विद्यालयों में भी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्राओं को बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय साक्षरता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्हें बैंकिंग सेवाओं का सही उपयोग करने और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बालिकाओं में बैंक जाने और बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने को लेकर झिझक दूर होती है। वे पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के उपयोग के साथ ही सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली बीमा एवं पेंशन जैसी सुविधाओं की जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय साक्षरता और डिजिटल लेनदेन का ज्ञान बेहद जरूरी है। इस तरह के कार्यक्रम बालिकाओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

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