नया बदायूं, संवाददाता बिसौली।
विद्युत विभाग में कार्यरत आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जिले के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर उनसे जबरन बिना सीढ़ी के बिजली के खंभों पर चढ़कर कार्य कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्य “परीक्षण” के नाम पर कराया जा रहा है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि उनके जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
कर्मचारियों के अनुसार यदि वे इस प्रकार का जोखिम भरा कार्य करने से मना करते हैं, तो उन्हें कुशल श्रमिक से अकुशल श्रमिक बनाए जाने अथवा नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि परिचालन, अनुरक्षण और राजस्व वसूली का कार्य करने वाले कुशल श्रमिकों का दायित्व लाइनमैन का कार्य करना नहीं है, फिर भी उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह ने अधिशासी अभियंता को भेजे गए नोटिस में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें नव ऊर्जीकृत विद्युत उपकेंद्र सराय बरौलिया सहित अन्य उपकेंद्रों पर नियुक्त नए व बाहरी व्यक्तियों की नियुक्ति निरस्त करने, पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति, नियमविरुद्ध परीक्षण प्रक्रिया पर रोक, कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और निर्धारित समय के अनुसार ड्यूटी चार्ट लागू करने की मांग शामिल है।
बढ़ाया जाए स्टाफ
इसके साथ ही कर्मचारियों ने फीडरों के अनुरूप स्टाफ की संख्या बढ़ाने, बिना सीढ़ी खंभे पर चढ़ाने संबंधी आदेश की प्रति उपलब्ध कराने, लंबित वेतन का भुगतान करने तथा सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को परिचय पत्र, ईएसआई कार्ड और यूएएन नंबर देने की भी मांग उठाई है।
कर्मचारियों ने चेतावनी
कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 12 जुलाई 2026 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 13 जुलाई 2026 से अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने सभी संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। संगठन का कहना है कि यदि इस दौरान किसी प्रकार की औद्योगिक अशांति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।
इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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