बदायूं, संवाददाता।
शहर के चक्कर की सड़क स्थित विश्वविख्यात दरगाह-ए-आलिया कादरिया पर हजरत हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह के तीन दिवसीय 185वें सालाना उर्से कादरी का बुधवार, 28 अक्टूबर को तबर्रुकात शरीफ के जुलूस, नातो-मनाकिब और अकीदत के माहौल में आगाज हुआ। उर्स में शामिल होने के लिए देशभर से हजारों की संख्या में अकीदतमंद और जायरीन बदायूं पहुंचे।

उर्स का आगाज सुबह खानकाह-ए-कादरिया से तबर्रुकात शरीफ के जुलूस के दरगाह-ए-कादरिया पहुंचने के साथ हुआ। इसके बाद अदब, एहतराम और शानो-शौकत के साथ उर्स की रस्में शुरू हुईं। आयोजन खानकाह-ए-आलिया कादरिया के साहिबे सज्जादा काजी-ए-जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती, हजरत मौलाना फजले रसूल मोहम्मद अज्जाम मियां कादरी की निगरानी और नाजिमे उर्स हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी की मौजूदगी में शुरू हुआ।

उर्स के पहले दिन बाद नमाज फज्र कुरानख्वानी हुई। इसके बाद महफिल-ए-नातो-मनाकिब और तकरीर पेश की गई। दिनभर दरगाह पर अकीदतमंदों की आवाजाही रही। वहीं, बुधवार शाम बाद नमाज मगरिब हल्का-ए-जिक्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जायरीन शिरकत करेंगे।
जायरीन के लिए किए गए विशेष इंतजाम
तीन दिवसीय उर्स में शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से जायरीन पहुंच रहे हैं। खानकाह की ओर से उनके खाने-पीने, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जायरीनों की सहूलियत के लिए इंतजामिया की ओर से कैंप कार्यालय भी स्थापित किया गया है, जहां दूर-दराज से आने वाले जायरीन को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा उर्स में तबर्रुकात शरीफ से संबंधित दुकानों को भी सजाया गया है। उर्स के आगाज के साथ ही दरगाह और आसपास के इलाके में रौनक बढ़ गई है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सालाना उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।

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