नया बदायूं

तहसील-ब्लाक के अस्पतालों पर ह्दयरोगियों को 50 हजार वाला फ्री में इंजेक्शन लगायेगी योगी सरकार

नया बदायूं। (ब्योरो)
बदायूं जनपद में शहर से गांव तक ह्दयघात जैसी गंभीर बीमारी के शिकार मरीज हायर सेंटर पहुंचने से पहले अब दम नहीं तोड़ेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने उपचार की व्यवस्था की है। अलीगढ़ मेडिकल कालेज के हब से बदायूं को जोड़ दिया है। जिसमें जिला अस्पताल सहित देहात के सीएचसी इनमें शामिल हैं। जहां ह्दयघात के मरीज को तकलीफ होने पर विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार के बाद 50 हजार वाला इंजेक्शन फ्री में लगाया जायेगा। जिसके बाद मरीज ह्दयघात जैसी बीमारी से कंट्रोल में आयेगा और रिस्पांस टाइम की स्थिति में मरीज तत्काल रेफर होकर अलीगढ़ मेडिकल कालेज से संपूर्ण ह्दयरोग का उपचार पा सकेगा। इससे मरीजों की जान सुरक्षित रहेगी।

अलीगढ़ से जोड़े बदायूं के अस्पताल
जनपद में जिला अस्पपताल सहित पांच सीएचसी पर ह्दयघात के मरीजों को जल्द ही प्रथम उपचार मिलने लगेगा। शासन की ओर अलीगढ़ मेडिकल कालेज के ह्दयरोग विभाग को हब बनाकर बदायूं, बरेली, अलीगढ़, संभल जनपद को जोड़ दिया है। जिसमें बदायूं जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी शामिल कीं गईं। उसके डाक्टर व चिकित्सा अधीक्षक एवं बदायूं स्वास्थ्य विभाग के दोनों नोडल अधिकारी जोड़ दिये हैं।

यह है प्रक्रिया
ह्दयघात के मरीज पहुंचते हैं तो सबसे पहले ईसीजी किया जायेगा। इसीजी की रिपोर्ट में अगर गैस या अन्य बीमारियों का मरीज निकलता है तो वैसा उपचार दिया जायेगा। अगर ह्दयघात का मरीज है तो उसके लक्षण और ईसीजी रिपोर्ट अलीगढ़ हब पर वाट्सएप की जायेगी। अगले पांच मिनट में हब के विशेषज्ञ उपचार परामर्श ग्रुप पर ही शेयर करेंगे। जिसमें अगल स्टैमनी की समस्या है तो मरीज को टनस्काप्लेस इंजेक्शन दिया जायेगा। यह इंजेक्शन की कीमत करीब 45 से 50 हजार रुपये है। सरकार सभी केंद्रों को उपलब्ध करायेगी। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज को तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराई जायेगी। सुरक्षा गार्ड साफ रास्ता अस्पताल में उपलब्ध करायेंगे। फिर मरीज के अलीगढ़ मेडिकल कालेज ह्दयरोग विभाग को रेफर किया जायेगा। सीएचसी से भी अगर मरीज रेफर किया है तो जिला अस्पताल नहीं जाना होगा सीधे अलीगढ़ मेडिकल कालेज के ह्दयरोग विभाग में जायेगा।

यह रहेगी व्यवस्था
जिला अस्पताल पर पांच और सीएचसी पर दो-दो इंजेक्शन उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान मरीज को टनस्काप्लेस के साइड इफेक्ट भी बताए जायेंगे। वहीं इस उपचार के लिए संबंधित अस्पताल की इमरजेंसी में एक-एक बेड आरक्षित किया है।

इन अस्पताल पर मिलेगी सुविधा
स्टैमनी के मरीज को टनस्काप्लेस इंजेक्शन की व्यवस्था जनपद में सिर्फ छह अस्पतालों पर रहेगी। इसके लिए केवल जिला अस्पताल लिया है और मेडिकल कालेज इस सुविधा को नहीं मिला है। जिला पुरुष अस्पताल के साथ-साथ इसमें एफआरयू (फस्ट रेफरल यूनिट) पर सुविधा रखी है। इसमें एफआरयू उझानी, सहसवान, बिल्सी, बिसौली, दातागंज पर सुविधा रहेगी।

दो नोडल बनाए
अलीगढ़ मेडिकल कालेज से स्टैमनी के मरीज एवं टनस्काप्लेस इंजेक्शन की सुविधा देने के लिए ट्रेनिंग दी गई है। इसमें जनपद स्तर पर सुविधा बेहतर उपलब्ध कराने के लिए दो नोडल अधिकारी बनाए हैं। इसमें मुख्य नोडल डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन गंगवार और सहायक नोडल डॉ. राजवीर गंगवार को बनाया गया है। जिनके द्वारा इस सुविधा की सेंटरों पर मॉनीट्रिंग रहेगी।

यह हैं प्रशिक्षित
ह्दयघात के गंभीर मरीजों को स्टैमनी का उपचार देने के लिए अलीगढ़ मेडिकल कालेज से प्रशिक्षित किया गया। इसमें डाक्टर और कर्मचारी शामिल हैं। इसमें दोनों नोडल के अलावा सभी सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक व डाक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ ट्रेनिंग लेकर आयें हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अन्य रिलीवर स्टाफ को प्रशिक्षित किया है और सुरक्षा गार्ड को भी इसकी ट्रेनिंग दी है। ऐसे मरीजों को जल्दी साफ रास्ता उपलब्ध अस्पताल पर करायें।

सीएमओ की सुनिए:::
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा का कहना है कि शासन स्तर से जिला अस्पपताल व एफआरयू पर व्यवस्था उपलब्ध कराई जायेगी। प्रक्रिया शुरू हो गई है। ह्दयरोगियों की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की है। 50 हजार तक की कीमत का टनस्काप्लेस इंजेक्शन है वह निशुल्क लगाया जायेगा।

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