नया बदायूं, संवाददाता। राज्य ब्यूरो
योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आज रविवार को होने जा रहा है। मिशन 2027 से पहले योगी मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है इसको लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में तमाम तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी। जहां छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं वहीं मौजूदा राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत करने वाले विधायकों में से दो को मंत्री पद का पुरस्कार मिल सकता है।
60 बन सकते हैं मंत्री
वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री। राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बन सकते हैं। माना जा रहा है कि जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए छह रिक्त पदों को भरा जाएगा।
सपा के बागियों को मिलेगा पुरुस्कार
राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा प्रत्याशी को वोट देने वाले रायबरेली से मनोज पांडेय और कौशाम्बी से पूजा पाल को मंत्री बनाया जा सकता है। मनोज सपा सरकार में भी मंत्री रहे हैं। कुछ को मंत्री पद से हटाकर जहां संगठन में भेजने की भी चर्चा है वहीं संगठन से कुछ को मंत्री भी बनाया जा सकता है।
आज होगी शपथ
शनिवार को बंगाल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद लखनऊ लौटे मुख्यमंत्री योगी शाम को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने जनभवन पहुंचे। मुलाकात के साथ ही बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को अपराह्न तीन बजे होना तय हो गया।
मंत्रीमंडल में यह हो सकते हैं शामिल
मंत्री बनाए जाने वालों में जिन नामों की चर्चा है उनमें जाट समाज से आने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, अति पिछड़ी जाति से आने वाले वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, फतहेपुर की खागा सीट से विधायक अनुसूचित जाति की कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री रहे मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा को फिर मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
स्वतंत्र प्रभार से यह बनेंगे केबिनेट मंत्री
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से कैबिनेट मंत्री जिन्हें बनाया जा सकता है उनमें सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देबी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, समाज कल्याण असीम अरूण हो सकते हैं। बतादें कि वर्तमान में मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट मंत्री हैं। 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री हैं। अधिकतम 60 मंत्री ही बनाए जाने के कारण यदि किसी को मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता है तो छह ही और मंत्री बन सकते हैं।
