नया बदायूं

यज्ञ से जीवन में सुसंस्कारों का होता है जागरण : संजीव

नया बदायूं, संवददाता उझानी।

नगर के समीपवर्ती ग्राम चमारी स्थित प्राचीन ग्राम देवता मंदिर में गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और वैदिक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां आयोजित गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं, मातृशक्तियों एवं देवकन्याओं ने भाग लेकर ग्राम की समृद्धि, पर्यावरण शुद्धि और विश्वशांति की मंगलकामना की।

महायज्ञ के दौरान गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के उच्चारण के साथ विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित की गईं। वेदमंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
महायज्ञ से पूर्व देवकन्याओं ने हाथों में कलश एवं दुग्धधारा के साथ पूरे गांव की परिक्रमा की। इस दौरान ग्रामवासियों के सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। परिक्रमा के दौरान ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
गायत्री परिवार के यज्ञवीर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। यज्ञ से वातावरण की शुद्धि, विचारों की पवित्रता और जीवन में सुसंस्कारों का जागरण होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज यज्ञ, उपासना और सत्संस्कारों से जुड़ता है, तो परिवारों में सद्भाव, गांव में समृद्धि और राष्ट्र में नैतिक चेतना का विकास होता है। भारतीय संस्कृति का पुनर्जागरण यज्ञीय जीवनशैली अपनाने से ही संभव है। कार्यक्रम में उपाचार्य रामवीर ने वैदिक विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इस अवसर पर धनपाल, राजीव, राजकुमार, संजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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