नया बदायूं संवाददाता।उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 15 जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही, राज्य के 41 जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होने वाला यह विक्षोभ धीरे-धीरे मध्य और पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
इन 15 जिलों में ओले और बारिश का अलर्ट।
मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है, जिससे जनजीवन और फसलों पर सीधा असर पड़ सकता है। बता दें कि ब्रज और पश्चिम क्षेत्र के अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा। रोहिलखंड क्षेत्र के बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं। इन क्षेत्रों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
खेती पर असर: कहीं खुशी, कहीं गम।
कृषि विज्ञान केंद्र, उझानी के वैज्ञानिक डॉ॰ मनीष कुमार सिंह के अनुसार, इस बेमौसम बारिश का फसलों पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा यह बारिश गेहूं, मसूर और चना की फसल के लिए अमृत के समान है। इससे फसलों में नमी बनी रहेगी और दाना मजबूत होगा। सरसों और आलू की फसल के लिए ओले और अत्यधिक बारिश हानिकारक साबित हो सकती है। सरसों के फूल झड़ने और आलू में फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों के लिए बचाव के उपाय।
वैज्ञानिक डॉ॰ मनीष शर्मा ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि ओले गिरते हैं या नमी अधिक बढ़ती है, तो आलू की फसल को बचाने के लिए मैनकोज़ेब और कार्बेंडाज़ीन का छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारियों पर नजर रखें और फिलहाल सिंचाई रोक दें। तेज आंधी के कारण बिजली के तारों और पुराने पेड़ों से दूर रहें। कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी बच्चों और बुजुर्गों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
