नया बदायूं संवाददाता। ब्योरो कार्यालय लखनऊ
उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के चुचैला कलां बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में हुए लाखों के घोटाले में दो तत्कालीन सचिव के अलावा कर्मचारियों की गर्दन फंस गई है। जिसके में एक को सस्पेंड कर दिया गया है कई और अधिकारियों की गर्दन फंसी है और कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
सहकारी समिति के अलावा जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत भी जांच के दौरान सामने आई है। जिन पर कार्रवाई की तलवार का लटकना लगभग तय माना जा रहा है। जांच अंतिम दौर में पहुंच गई है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी वैसे ही अधिकारियों ने दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है। गत सितंबर माह में चुचैला कलां समिति में लाखों रुपये का घोटाला सामने आया था। किसानों की शिकायत पर अनंतिम जांच में घोटाले की पुष्टि हुई थी। यहां बता दे कि इस समिति से दो हजार से अधिक किसान सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं।
दो निलंबित किये
अनंतिम जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी उमेश कुमार व एडीओ राजकुमार ने की थी और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी थी। जांच समिति की रिपोर्ट पर एआर कोआपरेटिव ने दो लेखाकार विपिन कुमार व संजीव कुमार को दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया था।
कमेटी की रिपोर्ट
इसके बाद उन्होंने अंतिम जांच के लिए चार सदस्य कमेटी गठित की थी। यह कमेटी अपर जिला सहकारी अधिकारी की अध्यक्षता में बनाई गई थी। कंप्यूटर से संबंधित रिकार्ड की जांच के लिए अलग से तकनीकी कर्मचारी को सहयोग के लिए लगाया था। कमेटी द्वारा पिछले पांच साल तक का रिकार्ड खंगालने का कार्य किया जा रहा है। जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिसका पता चलने के बाद बैंक व समिति कर्मचारियों के दिलों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
कई और की गर्दन फंसी
सूत्र बताते हैं कि जांच में दो तत्कालीन सचिव व कई बैंक कर्मियों की घपलेबाजी में संलिप्तता घोटाले में मिली है। जिन पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है। जिला सहकारी बैंक का रिकार्ड भी कमेटी जांच रही है। इस सप्ताह ही कमेटी रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए अधिकारियों को उपलब्ध कराएगी।
अधिकारी की सुनिए::
एआर कोआपरेटिव अमरोहा वरूण अग्रवाल का कहना है क मामले की जांच अंतिम दौर में है। जल्द ही वह पूरी होगी। जांच में जो भी कर्मचारी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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