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बदायूं में 29 और 30 अक्टूबर को मनाया जाएगा उर्स-ए-कादरी

बदायूं संवाददाता।

 विश्व प्रसिद्ध दरगाह आलिया कादरिया पर हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय 185वां सालाना उर्स-ए-कादरी 29 और 30 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उर्स की तैयारियां 28 अक्टूबर बुधवार से शुरू होंगी।

दरगाह शरीफ में काजी-ए-जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी सज्जादानशीन खानकाह आलिया कादरिया की सरपरस्ती एवं हजरत मौलाना फजल रसूल मोहम्मद अज्जाम मियां कादरी की निगरानी में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

प्रेस नोट के अनुसार, 29 अक्टूबर को बाद नमाज जुहर तकरीबात के बाद शाही की जियारत कराई जाएगी। इसके बाद नमाजे इशा कादरी मजलिसी कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। वहीं, 30 अक्टूबर को नमाजे फज्र कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन किया जाएगा।

देशभर से पहुंचेंगे जायरीन

हर साल की तरह इस बार भी उर्स-ए-कादरी में देश के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन शिरकत करेंगे। जायरीनों के लिए खानकाह की ओर से विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इसकी जानकारी उर्स एवं खानकाह व मदरसा आलिया कादरिया के नाजिम हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी साहब की ओर से दी गई। खानकाह आलिया कादरिया के प्रवक्ता मोहम्मद तनवीर खान कादरी ने पत्रकार वार्ता में उर्स की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

अपने वक्त के बड़े सूफी थे साहिबे उर्स

प्रेस नोट में साहिबे उर्स हजरत हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह को अपने वक्त का बड़ा सूफी और आध्यात्मिक व्यक्तित्व बताया गया है। उनकी विलादत (जन्म) 1765 ईस्वी में हुई थी। वह इबादत में मशगूल रहते थे और लोगों को अपने संदेश से नवाजते थे। उनका विसाल 17 मुहर्रम, 1263 हिजरी को हुआ था।

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