नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश में 16 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली हैं। इसको लेकर उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री व प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने बड़ा बयान दिया है। शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में शुचिता प्रभावित करने, प्रश्नपत्र लीक कराने, प्रश्नपत्र हल कराने की कोशिश पर आजीवन कारावास एवं एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
बदायूं जनपद के भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान जिला प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने यूजीसी को लेकर कहा कि यूजीसी का कोई मामला नहीं है। सरकार की ओर से बिल्कुल कोई मामला नहीं है यह तो न्यायालय का मामला है। न्यायालय जो भी कदम उठा रही है वह सही उठा रही है। जिसका सरकार अनुपालन करेगी। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा और बजट पर बात करना चाहते हैं। इस दौरान कहा कि शिक्षा का बजट इतना है कई हजार विद्यालय खुलेंगे, तकनीकि शिक्षा दी जायेगी। वहीं यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर सवाल किया गया तो मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि विगत वर्षों की तरह इस बार भी व्यवस्था लागू रहेगी। यदि कोई व्यक्ति नकल करते और कराते पकड़ा जाता है तो उसको अजीवन कारावास किया जायेगा एक करोड़ का जुर्माना किया जायेगा। बयान देने के बाद भाजपा की मंत्री चर्चा में आ गई है। हालांकि यह कानून सरकार पहले ही ला चुकी है।
पेपर लीक होने का भी दिया गया हवाला
आयोग की ओर से इस संबंध में जारी पत्र में उप्र प्रदेश शासन द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों जैसे-प्रश्नपत्र लीक होना, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ आदि रोकने के लिए उप्र सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश का हवाला दिया गया है। उप सचिव के अनुसार अध्यादेश के तहत अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना, नकल कराना, प्रश्नपत्र का प्रतिरुपण करना, या प्रकट करना, षणयंत्र करना अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे प्रकरणों में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा, दोनों ही हो सकती है।

Discussion about this post