नया बदायूं

बच्चों में टीबी की पहचान और समय पर उपचार के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

बदायूं संवाददाता।

वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स द्वारा स्टेट टीबी सेल के समन्वय से बच्चों में टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित एनएचएम सभागार में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों तथा एनटीईपी के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर और सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर ने प्रतिभाग किया।

लाडो डिटर्जेंट

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, डॉ. नवनीत, जावेद अंसारी एवं समीना अख्तर को एक-एक पौधा भेंटकर सम्मानित करने के साथ हुआ।

प्रशिक्षण के दौरान वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स के स्टेट टेक्निकल मैनेजर जावेद अंसारी एवं स्टेट नर्स मेंटर समीना अख्तर ने बताया कि जनपद में बच्चों में टीबी के मामलों का नोटिफिकेशन अपेक्षाकृत कम है। इसे बढ़ाने के लिए बच्चों में टीबी की समय रहते पहचान और जांच की प्रक्रिया को मजबूत करना आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे टीबी के लक्षण होने पर स्वयं बलगम नहीं निकाल पाते हैं। ऐसे बच्चों की जांच के लिए गैस्ट्रिक एस्पिरेट एवं इंड्यूस्ड स्पुटम के सैंपल लेने की प्रक्रिया वीडियो के माध्यम से विस्तार से समझाई गई। चिकित्सा अधिकारियों को टीबी के लक्षण वाले बच्चों को अधिक से अधिक रेफर करने तथा उनकी समुचित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी बच्चा टीबी की पहचान और उपचार से वंचित न रहे।

प्रशिक्षण में अर्ली रेफरल और अर्ली डिटेक्शन पर विशेष जोर दिया गया, जिससे बच्चों में टीबी की समय पर पहचान कर शीघ्र उपचार शुरू किया जा सके।

प्रथम दिवस पर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के माध्यम से सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों को चिह्नित कर उनमें टीबी के लक्षणों की पहचान करने की जानकारी दी गई। वहीं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में कार्यरत लगभग 120 चिकित्सकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर स्कूलों में छोटे बच्चों में टीबी के लक्षणों की पहचान और उन्हें सीएचसी एवं पीएचसी पर रेफर करने की प्रक्रिया समझाई गई।

जनपद के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत एवं डॉ. अमित रस्तोगी को डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया। उनके द्वारा भी प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने जनपद में क्षय रोगियों की स्थिति, टीबी के लक्षण, जांच, उपचार एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से और अधिक मेहनत एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा सभी निर्धारित इंडिकेटरों को समय से पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को निर्धारित समय में साकार किया जा सकता है।

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