नया बदायूं लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में एक सनसनीखेज हादसा सामने आया है। उझानी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली हाईवे पर स्थित एक बंद पड़ी मेंथा फैक्ट्री के गार्ड रूम में सोमवार की रात तीन सुरक्षा गार्डों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि बंद कमरे में अलाव जलाकर तापते समय धुएं से दम घुटने के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और परिजनों में भारी आक्रोश है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने फैक्ट्री की सुरक्षा के लिए तैनात किए थे सुरक्षाकर्मी
मृतकों की पहचान भानु यादव (30 वर्ष) पुत्र श्रीपाल निवासी मूसाझाग, जोगिंदर (30 वर्ष) पुत्र राम बहादुर निवासी बसावनपुर (मुजरिया) और विवेक (25 वर्ष) निवासी नाई गांव (सिविल लाइंस) के रूप में हुई है। ये तीनों युवक बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से फैक्ट्री की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए तीनों गार्ड रूम के भीतर अलाव जलाकर सोए थे। बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भरने की वजह से तीनों की नींद में ही मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों में भरी आक्रोश
मंगलवार सुबह जब घटना की जानकारी हुई, तो मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन फैक्ट्री परिसर में जमा हो गए और उन्होंने शवों को उठाने से रोकते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री और बैंक प्रबंधन द्वारा सुरक्षा गार्डों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की गई थीं, जिसकी वजह से उन्हें जान गंवानी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया।
मेंथा फैक्ट्री का हादसों से रहा है पुराना नाता
यह मेंथा फैक्ट्री पिछले काफी समय से विवादों और हादसों के केंद्र में रही है। इससे पहले मई 2025 में भी आंधी-तूफान के दौरान इस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। उस घटना में न केवल करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था, बल्कि एक मजदूर की मलबे में दबकर मौत भी हुई थी। एक ही फैक्ट्री में बार-बार होने वाले इन जानलेवा हादसों ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
