नया बदायूं

स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर बदायूं में उतरे व्यापारी, सांकेतिक स्मार्ट मीटर जलाये

नया बदायूं, संवाददाता।
उत्तर प्रदेश शासन ने एक बार फिर पिछले दिनों बोर्ड के निर्णय के बाद स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। एक अप्रैल से स्मार्ट मीटर अनिर्वाय नहीं रहे हैं, लेकिन लगातार लंबे समय से स्मार्ट मीटर को लेकर आमजन से लेकर व्यापारी परेशान हैं। अधिक बिल आना एवं तमाम समस्याओं को लेकर व्यापारी शिकायतें कर रहे थे आखिरकार बिजली निगम और शासन-प्रशासन के खिलाफ व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया। व्यापारियों ने सड़कों पर आकर विरोध किया, सांकेतिक स्मार्ट मीटरों को जला दिया है। व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाने की मांग की है।

बदायूं जिला मुख्यालय पर गुरुवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खामियों को लेकर व्यापारियों का आक्रोश फूट गया। व्यापारियों ने आक्रोशित होकर प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू एवं जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता के नेतृत्व में स्थानीय बाजार में सांकेतिक स्मार्ट मीटर की होली जलाकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर को सौंपा है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है इसकी रिपोर्ट आ जाने पर उपभोक्ताओं को विश्वास में लेकर ही अग्रिम कारवाही की जाएगी। साथ पूर्व में लगे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रियायत भी दी जा रही है। तब जाकर व्यापारियों आक्रोश कम हुआ।

स्मार्ट मीटर सुविधा नहीं व्यापारियों को बड़ी समस्या : नवनीत गुप्ता
प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने बताया कि स्मार्ट मीटर योजना सुविधा नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन चुकी है। जिस तकनीक को पारदर्शिता और सुविधा के नाम पर लागू किया गया था, वही आज आम जनता के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन गई है बगैर जानकारी के टारगेट के चलते जल्दबाजी से खामियों के साथ स्मार्ट मीटर लगा दिए गए जो अब जी के जंजाल बन गए हैं जल्द ही खामियों को दूर नहीं किया गया तो व्यापारियों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

स्मार्ट मीटर की अनिर्वायता समाप्त करें : सर्वेश गुप्ता
जिला अध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता ने कहा कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर प्रीपेड मीटर उपभोक्ता की स्वीकृति के आधार पर लगाई जाए, प्रीपेड मीटर लगाए जाते समय प्रीपेड मीटर के संचालन से संबंधित मैन्युअल उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए। प्रीपेड मीटर की 5 साल की गारंटी उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाए तथा उसका गारंटी कार्ड मीटर लगाते समय उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए। जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने कहा कि प्रीपेड मीटर लगाए जाते समय ही उपभोक्ता के मोबाइल में प्रीपेड मीटर का ऐप डाउनलोड किये जाने की व्यवस्था की जाये। जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने बताया कि प्रीपेड मीटर तेज चलने की शिकायतों के लिए एक स्वतंत्र लैब की स्थापना की जाए। संजीव आहूजा ने बताया कि नए विद्युत कनेक्शन को जारी करते समय एस्टीमेट के नाम पर भारी अनियमित की जा रही है पोर्टल पर कनेक्शन अप्लाई होने के बाद उपभोक्ता को कार्यालय बुलाए जाने की व्यवस्था समाप्त की जाए। राजेश गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से वर्षों पुराने पी डी कनेक्शन की रिकवरी आवश्यक जांच के बाद जारी की जाए बिना पर्याप्त आधार के आर सी जारी न की जाए। दिनेश गुप्ता ने कहा कि प्रीपेड मीटर के पोर्टल को इतना प्रभावी बनाया जाए कि पैसा जमा करने के तुरंत जमा धनराशि राशि पोर्टल पर शो तथा 5 मिनट में डिस्कनेक्ट किया गया।

यह रहे मौजूद
जिला उपाध्यक्ष दीपक सक्सेना, विनय गुप्ता, हाजी राशिद सैफी, अमित वैश्य, संजीव आहूजा, दीपक वर्मा, प्रमोद गुप्त, नरेश वर्मा, जावेद खान, सर्वत हमीद खान, राकेश गुप्ता, विशाल गुप्ता, अंशु वैश्य, राजकुमार यादव, निखिल गुप्ता, दीपक गुप्ता, राजेश गुप्ता, कुलदीप वैश्य, नितिन गुप्ता, रिम्पी पहवा, राजू गुप्ता, सुरेंद्र नानक सहित व्यापारी मौजूद रहे।

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