नया बदायूं, संवाददाता।
जनपद में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने जहां शहर और गांवों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी, वहीं कादरचौक विकासखंड के ग्राम मोहम्मदगंज में बारिश ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। लगातार हुई तेज बारिश के कारण क्षेत्र की नदी उफान पर आ गई और गांव के पास बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। पुल जलमग्न होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद करा दिया, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट गया है।
गुरुवार को बारिश के चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से पुल पूरी तरह पानी में डूब गया। ऐसे में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पुल पार करने का साहस नहीं कर पा रहे हैं। पुल बंद होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा के कार्यों, बाजार, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ककराला जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिसके कारण अब लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर भोजपुर होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक मार्ग से आने-जाने में समय के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की पहली ही बारिश में पुल के ऊ पर पानी आ जाना चिंता का विषय है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा कई गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और जलस्तर कम होने तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए पुल की ऊंचाई बढ़ाने अथवा वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की मांग भी उठाई है।
पहली बारिश में खुल गई है पोल
मानसून की पहली ही बारिश ने साफ कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए अभी और बेहतर तैयारियों की आवश्यकता है। फिलहाल प्रशासन लोगों से पुल पर पानी रहने तक किसी भी स्थिति में आवागमन न करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है।
