बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती दर और आवारा पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ह्यूमन विजन फाउंडेशन ट्रस्ट ने एक अनूठी और जनहितकारी पहल की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के गले में ‘रिफ्लेक्टर युक्त बेल्ट’ बांधी जा रही हैं, ताकि रात के अंधेरे में होने वाले जानलेवा हादसों को रोका जा सके।
हादसों को रोकने के लिए ‘चमकदार’ समाधान
अक्सर देखा जाता है कि रात के समय सड़कों के बीचों-बीच बैठे या अचानक सामने आने वाले आवारा पशु वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। अंधेरे के कारण चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा पाते, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। इन हादसों में न केवल बेजुबान पशु अपनी जान गंवाते हैं, बल्कि वाहन चालकों को भी गंभीर चोटें आती हैं या वे अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाने से पशुओं की उपस्थिति दूर से ही पता चल जाएगी, जिससे चालक सतर्क हो सकेंगे।
ट्रस्ट का उद्देश्य है सुरक्षा और संवेदनशीलता
अभियान की जानकारी देते हुए संस्था के मुख्य ट्रस्टी रितेश भारतीय ने बताया कि जिले की सड़कों पर रात में पशुओं का जमावड़ा अधिक रहता है। रिफ्लेक्टर बेल्ट लगने से ये पशु अंधेरे में भी स्पष्ट रूप से नजर आएंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। वहीं, संयुक्त सचिव अवनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह निःशुल्क है। इसका प्राथमिक उद्देश्य आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और पशु कल्याण है। आगामी दिनों में इस अभियान का विस्तार जिले के ग्रामीण और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में भी किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर हुई अभियान की सराहना
अभियान के दौरान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने गाय, बैल और आवारा कुत्तों सहित अन्य पशुओं को सुरक्षा बेल्ट पहनाई। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। लोगों का मानना है कि यह छोटे दिखने वाले प्रयास समाज में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
