नया बदायूं, संवाददाता।
सोमनाथ भारत की अजय सभ्यता का प्रतीक है। 1000 वर्षों के विनाशकारी प्रहारों के बाद भी, सोमनाथ आज हमारे आत्मसम्मान और साहस की मिसाल बनकर खड़ा है। 75 वर्ष पहले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से आधुनिक सोमनाथ का मार्ग प्रशस्त हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, आज यह पावन भूमि भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का उद्घोष कर रही है।
बदायूं जनपद में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत जनपद स्तरीय/ज्योतिर्लिंग कार्यक्रम का आयोजन जनपद, तहसील एवं ब्लाक स्तर, नगर निकायों में हर्षोल्लास, श्रद्धा भाव व गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। राजकीय महिला महाविद्यालय से बिरूआ बाड़ी मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई तथा बिरूआ बाड़ी मंदिर में सोमनाथ में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का तथा वाराणसी में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। जनपद के जिला मुख्यालय स्थित बिरूआ बाड़ी मंदिर, गौरी शंकर मंदिर तथा विभिन्न नगर निकायों में स्थित मंदिरों (शिवालियों), खंड विकास स्तर व तहसील स्तर पर स्थित विभिन्न शिवालयों में यह कार्यक्रम बड़ी आस्था व श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डीएम द्वारा जिला मुख्यालय के लिए अपर अधिकारी प्रशासन/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को व तहसील स्तर पर संबंधित एसडीएम तथा विकास खंड स्तर पर संबंधित बीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। बिरुआ बाड़ी मंदिर के कार्यक्रम के दौरान नगर मजिस्ट्रेट सुरेश पाल, सहायक निदेशक सूचना आशुतोष चंदोला, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बदायूं विनय मणि त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
