नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं के बेसिक शिक्षा विभाग में ‘ग्रेड पे’ का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जहां पर ब्लॉक संसाधन केंद्र कार्यालय पर तैनात बाबू और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय बेसिक शिक्षा बदायूॅ के बाबू की सांठ-गांठ ने शिक्षकों के पसीने छुड़ा दिए, अब शिक्षक कार्यालय के बाबूओ के चक्कर लगाने को मजबूर है।
मामला विकास क्षेत्र आसफपुर का है। अगस्त 2026 के वेतन बिल में अचानक एक चमत्कारी बदलाव देखने को मिला जिसमें 18 शिक्षकों का ग्रेड पे ₹4800 से ‘डिमोशन’ करके सीधे ₹4600 कर दिया गया। यानी बिना किसी विभागीय सजा के ही कागजों में पदोन्नति की जगह “अवनति” का स्वाद चखने को मिल गया।
जब मामला उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के संज्ञान में आया
तो जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने सीधे मोर्चा खोल दिया और वित्त एवं लेखाधिकारी के कार्यालय में सांकेतिक धरना पर बैठ गए।संघ की पदाधिकारियों ने एक स्वर में दोनों बाबू पर विभागीय कार्यवाही की मांग की।
शिकायत की गूंज जब वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा मुनीष कुमार श्रीवास्तव तक पहुची तब उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग पर साहब ने आसफपुर के वरिष्ठ सहायक राहुल यादव और बदायूं कार्यालय के सम्बद्ध लिपिक शकील अहमद को “कारण बताओ नोटिस” थमा दिया है।
जहां राहुल यादव से सवाल किया गया कि जब आपने बिल को ‘ओके’ बताकर लॉक किया था, तो 18 शिक्षकों के वेतन में यह झोल कैसे आया? पटल सहायक को अवगत क्यों नहीं कराया?”
शकील अहमद से सवाल किया गया कि “आपने किस आधार पर इस कटे हुए ग्रेड पे वाले बिल को लॉक किया? 2 दिन के अंदर साक्ष्यों के साथ अपना स्पष्टीकरण पेश करें।”
नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि अगर ‘लौटती डाक’ से तसल्ली बख्श जवाब और पक्के सबूत नहीं मिले, तो विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
