नया बदायूं

माघ मेला : प्रशासन चौकन्ना, रूट डायवर्जन लागू, डीएम अवनीश राय ने कछला गंगा घाट पर परखीं व्यवस्थाएं

नया बदायूं, संवाददाता।
एक फरवरी को माघ मेला है। माघ पूर्णिमां पर गंगा स्नान किया जायेगा। बदायूं जनपद में प्रमुख घाट कछला गंगा घाट पर स्नान किया जायेगा। स्थानीय सहित गैर जनपद व राज्यों के लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। इसको लेकर जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया है। जाम की समस्या से निपटने के लिए पार्किंग व्यवस्था रहेगा वहीं रूट डायवर्जन लागू किया गया है। वहीं डीएम ने भी तैयारियों का जायजा लिया है।

डीएम ने कछला घाट पर देखी माघ मेला व्यवस्थाएं
शनिवार को डीएम अवनीश राय ने माघ मेला-2026 की तैयारियों के दृष्टिगत कछला घाट स्थित गंगा पुल के ऊपर से दोनों छोरों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि माघ मेले के दौरान माघ पूर्णिमा पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान को कछला घाट पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुल के दोनों ओर यातायात के सुचारु संचालन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाने के निर्देश दिए।

मजिस्ट्रेट अधिकारी तैनात किये
डीएम ने बताया कि माघ मेला को लेकर गंगा घाट पर मजिस्ट्रेट अफसर तैनात किये हैं। डीएम ने बताया कि गंगा स्नान के दौरान विभिन्न घाटों पर प्रथम पाली (शनिवार रात्रि 02.00 बजे से रविवार प्रातः 10.00 बजे तक) एवं द्वितीय पाली (प्रातः 10.00 बजे से स्नान समाप्ति तक) में मजिस्ट्रेटों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। सभी नामित मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत गंगा घाटों पर निरंतर भ्रमणशील रहकर कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थितियों पर विशेष सतर्कता बनाए रखें तथा संबंधित पुलिस एवं विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को सुदृढ़ रखें।

साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था के इंतजाम
डीएम ने पुलिस, प्रशासन एवं मेला आयोजन से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, अस्थायी शौचालय, पेयजल, चिकित्सा सुविधा एवं अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, गोताखोर एवं मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर ली जाएं।

31 जनवरी को रात्रि आठ बजे से रूट डायवर्जन लागू
माघ पूर्णिमा के अवसर पर एक फरवरी को कछला घाट पर होने वाले गंगा स्नान को देखते हुए जिले में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। भारी भीड़ और जाम से बचने के लिए 31 जनवरी की रात आठ बजे से एक फरवरी की रात 10 बजे तक भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। एसएसपी डॉ.बृजेश सिंह ने बताया कि यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए 31 जनवरी की रात 8 बजे से एक फरवरी की रात 10 बजे तक बदायूं से निकलने वाले भारी वाहनों के मार्ग बदले गए हैं।

कहां से कहां जायेंगे वाहन
रूट डायवर्जन के दौरान बदायूं की ओर से हाथरस, मथुरा, अलीगढ़ और राजस्थान जाने वाले ट्रक, ट्राला और डीसीएम को उझानी बड़े बाईपास से मोड़कर मुजरिया, सहसवान, गुन्नौर और बबराला होते हुए अलीगढ़ की दिशा में भेजा जाएगा। इसी तरह बदायूं से एटा, कासगंज और आगरा जाने वाले भारी वाहन नौशेरा से कादरचौक और गंजडुडवारा के रास्ते आगे बढ़ेंगे। इन वैकल्पिक मार्गों का उद्देश्य कछला घाट और आसपास के इलाकों को भारी वाहनों से मुक्त रखना है ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से परेशान होना न पड़े।

यह रोके जायेंगे वाहन
डायवर्जन के दौरान मुजरिया चौराहा और सहसवान से कोई भी वाहन कछला होकर कासगंज की ओर नहीं जा सकेगा। इन प्रतिबंधों को प्रभावी बनाने के लिए उझानी बड़ा बाईपास, मुजरिया चौराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा और कछला रोड सहसवान पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, जो वाहनों को तय मार्गों पर भेजेगा।

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