नया बदायूं

भाजपा की गोद में बैठ चुका है चुनाव आयोग, 2027 में बनेगी सपा सरकार: धर्मेंद्र यादव

 

बदायूं संवाददाता।

उत्तर प्रदेश की सियासत में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच बदायूं में आयोजित समाजवादी पार्टी की पीडीए पंचायत में पहुंचे सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और विपक्ष की आवाज को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सांसद ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पूरी तरह भाजपा की गोद में बैठ चुका है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

पीडीए पंचायत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसद, मुख्य सचेतक एवं लोक लेखा समिति के सदस्य मा. धर्मेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश का जनमानस बदलाव के मूड में है और इस बदलाव का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कर रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों, आंदोलनकारियों और पत्रकारों को भी जेल भेजे जाने की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

सपा सांसद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली पर भाजपा के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना आवश्यक है।

धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को उठाना और संविधान की रक्षा करना भी है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र कर 2027 में जीत का दावा

सपा सांसद ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन ने भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल करने से रोक दिया और उसे सहयोगी दलों पर निर्भर होना पड़ा। उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता और जनता के समर्थन का परिणाम बताया।

धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत देकर सरकार बनाने का अवसर देगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ समाज के सभी वंचित और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों को लेकर केंद्रित है। पार्टी इन वर्गों की भागीदारी, सम्मान और अधिकारों के मुद्दे को जनता के बीच उठाती रहेगी।

अयोध्या का जिक्र कर भाजपा को घेरा

बातचीत के दौरान धर्मेंद्र यादव ने अयोध्या का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अयोध्या की जनता ने भाजपा को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने धार्मिक आस्था से जुड़े चढ़ावे और चंदे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए और कहा कि जनता ऐसे मामलों को स्वीकार नहीं करेगी।

सपा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो अयोध्या से समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे के खिलाफ चुनाव लड़कर देख लें। उनके इस बयान को आगामी चुनावों से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच तेज होती राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्षी एकजुटता को बताया संविधान बचाने की लड़ाई

विपक्ष के साझा प्रदर्शन को लेकर श्रेय लेने संबंधी सवाल पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे पूरे विपक्ष का सामूहिक प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्षी दलों का एकजुट होना जरूरी है। उनके अनुसार, इस लड़ाई में सभी विपक्षी दल अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं और इसे किसी एक दल की उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पीडीए पंचायत के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश

बदायूं में आयोजित पीडीए पंचायत के मंच से धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों, चुनाव आयोग की भूमिका, अयोध्या के मुद्दे और विपक्ष की एकजुटता को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उनके संबोधन में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पीडीए की राजनीतिक अवधारणा पर विशेष जोर दिखाई दिया।

सपा सांसद ने अपने बयानों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि समाजवादी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक भागीदारी और जनता के अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। वहीं, भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए गए उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को और अद्यतन किया जा सकता है।

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